पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन योजना लागू करने सहित अन्य मांगों के समर्थन में सोमवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने धरना दिया। जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा थी, जिसे सरकार ने छीन लिया। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा की सुविधा लागू करने की मांग की। सप्तम वेतन आयोग का बकाया पेंशनरों को एकमुश्त देने और अप्रैल 2005 से नियमित होने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।
कार्यकारी अध्यक्ष ओमकार नाथ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में कार्य नहीं कर रही है। इसे कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी मांगों को हर हाल में पूरा करना होगा। कहा कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं होंगी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान शैलेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र तिवारी, राजेश कुमार श्रीवास्तव, कमलेश यादव, अभिनव ओझा आदि मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की मांग उठाई
सिद्धार्थनगर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की सोमवार को मेडिकल कॉलेज सभाकक्ष में आयोजित बैठक में पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई गई।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सुजीत जायसवाल ने कहा कि पेंशन, कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी होती है। इसलिए पुरानी पेंशन तत्काल बहाल की जाए और आउटसोर्सिंग के जरिए तैनाती बंद की जाए। इसके अलावा आशा का मानदेय दस हजार करने, कर्मचारियों का समय से प्रोन्नति किए जाने, नकदीकरण, कैशलेस इलाज की व्यवस्था ठीक किए जाने की मांग की गई। इस दौरान वाईके द्विवेदी, शिवाकांत पांडेय, रामकरन गुप्ता, शिवपूजन मणि त्रिपाठी, गोविंद ओझा, दिनेश मिश्रा, राजेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।