संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। श्रम उपायुक्त रविशंकर पांडेय ने विकास खंड लोटन के एक ग्राम पंचायत के 2023-24 वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत एक अमृत सरोवर व दो इंटरलॉकिंग कार्य की जांच की। श्रम उपायुक्त ने कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई।
महदेइया ग्राम पंचायत में रामशंकर के घर से जगदीश के घर तक व मोतीलाल के घर से गुड्डू के घर तक इंटरलॉकिंग का कार्य कराया गया है। मनरेगा मे इंटरलॉकिंग कार्य में वाइब्रेट ईंट लगना था, जबकि वाइब्रेट ईंट की जगह प्रेशर ईंट लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया है।
श्रम उपायुक्त ने कहा कि आप के हिसाब से जब प्रेशर ईंट का दाम 25.96 रुपये पड़ रहा है, जबकि इसी रेट पर ब्राईवेट ईट मिल जाती है। जेई नित्यानंद ने कहा कि इस्टीमेट इसी का बना था। श्रम उपायुक्त ने पूछा कि जब प्रेशर ईंट लगना हीं नही था तो इसका स्टीमेट क्यों बनाया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि रोवर में सिल्ड कल्चर व रैंप लगाना था, लेकिन नहीं लगाया गया। सरोवर के चारों तरफ पौधरोपण भी नहीं कराया गया। इन अनियमितताओं को लेकर डीसी मनरेगा रविशंकर पांडेय ने बीडीओ नीरज कुमार को लेकर जांच की। जांच में अनियमितता पाए जाने पर तकनीकी सहायक नित्यानंद श्रीवास्तव, रोजगार सेवक दिनेश कुमार, प्रधान प्रतिनिधि मनोज व सचिव रविंद्र कुमार जाटव को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने आयुष्मान कार्ड का डेटा सचिव से मांगा लेकिन वह नहीं दे सके। इस कारण वे नाराज हो गए।