साधन सहकारी समिति घोसियारी में डीएपी लेने के लिए किसानों की भीड़।
घोसियारी। साधन सहकारी समिति, घोसियारी में मांग के सापेक्ष कम डीएपी खाद पहुंचने से किसान परेशान हैं। समिति पर अब तक आई 600 बोरी डीएपी, 50 गांवों के किसानों के लिए नाकाफी साबित हो रही है। मजबूरन किसान प्राइवेट दुकानदारों से अधिक रेट में डीएपी खरीदने को बाध्य हो रहे हैं। प्राइवेट दुकानदार डीएपी के साथ एक पैकेट गेहूं का बीज देने की शर्त लगा रहे हैं, जिसके चलते किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। खेसरहा ब्लॉक के साधन सहकारी समिति, घोसियारी पर रबी की बुवाई के समय किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है। समिति के चक्कर लगा कर थक चुके किसानों को प्राइवेट दुकानदारों का ही सहारा बचा है। खेत से नमी न चली जाए और बुवाई पिछड़े न इसके लिए किसान प्राइवेट दुकानदारों की मनमानी के आगे मजबूर दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्राइवेट दुकानों से किसानों को 1500 से 1600 रुपए प्रति बोरी डीएपी मिल रही है। बदुरगहना गांव निवासी त्रिभुवन त्रिपाठी का कहना है कि तीन दिन से समिति का चक्कर लगा रहे हैं, तब जाकर किसी तरह से दो बोरी डीएपी मिली है। किसान वीरेंद्र मणि ने बताया कि प्राइवेट दुकानदार महंगे दाम पर डीएपी बेच रहे हैं। समिति पर खाद नदारद है, मजबूरी में प्राइवेट दुकानदारों से महंगे दाम पर खाद लेना पड़ रहा है। इस संबंध में साधन सहकारी समिति के सचिव प्रेमनाथ दुबे का कहना है कि अब तक समिति पर 600 बोरी डीएपी आई, जिसे किसानों को निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध करा दिया गया है। खाद उपलब्ध होने पर बाकी किसानों को डीएपी बांटी जाएगी।