टूटे एप्रोच की मरम्मत में देरी से आवागमन कठिन
सिद्धार्थनगर। बाढ़ के दौरान राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदियों के बढ़े जलस्तर की चपेट में आकर कई महत्वपूर्ण पुलों के एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गए। अभी तक मरम्मत नहीं होने से आवागमन कठिन हो गया है। वर्तमान में इन पुलों से चार पहिया और बड़े वाहनों के आवागमन के दौरान क्षतिग्रस्त एप्रोच में फंसकर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने पुल के एप्रोच की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
अक्तूबर में आई बाढ़ से उसका क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी पर बने खजुरडाड़ पुल के उत्तर तरफ से सड़क को जोड़ने वाला एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे पुल से बड़े वाहन गुजरने बंद हो गए। पीडब्लूडी की तरफ से मिट्टी भरी बोरियां डाल कटान रोकने की कवायद की गई। अब वाहनों के आवागमन में दिक्कत हो रही है।
खजुरडाड़ पुल के उत्तर एप्रोच के दोनों तरफ कटान स्थलों पर डाली गईं मिट्टी की बोरियों के स्थान पर अब तक पक्की सड़क नहीं बनी है। स्थानीय निवासी रविंद्र पासवान, वीरेंद्र यादव, बब्लू पासवान का कहना है कि सड़क मरम्मत नहीं होने से पुल से गुजरने के दौरान चार पहिया एवं बड़े वाहनों के चालक सहमे रहते हैं। साथ ही शाम और रात के अंधेरे में बाइक सवारों के भी हादसे का शिकार होने की आशंका बनी रहती है।
इसी तरह डुमरियागंज क्षेत्र में असनहरा पुल एवं शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर स्थित पुल का क्षतिग्रस्त एप्रोच मरम्मत नहीं होने से वाहनों के आवागमन में हादसे का खतरा है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता बीके गुप्ता का कहना है कि बाढ़ के दौरान खजुरडाड़ पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त होने पर कटान स्थल पर मरम्मत कार्य कराया गया। क्षतिग्रस्त एप्रोच के पक्के मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा, जिसकी स्वीकृति मिलने पर मरम्मत कराया जाएगा।
पिछले वर्ष भी क्षतिग्रस्त हुआ था एप्रोच
खजुरडाड़ पुल का एप्रोच पिछले वर्ष आई बाढ़ में भी क्षतिग्रस्त हुआ था, इसी तरह शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग के पुल और असनहरा पुल का एप्रोच भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इन पुलों के एप्रोच प्रति वर्ष आने वाली बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय निवासियों समेत राहगीरों को परेशानी होती ही है, साथ ही आवागमन भी बंद करना पड़ता है। लोगों ने एप्रोच के किनारे पक्का निर्माण कर समस्या के स्थायी निदान की मांग की है।