पुजारी के शव दफनाने को लेकर हुए विवाद के दौरान लगी भीड़।
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खेसरहा। क्षेत्र के मसैचा गांव में पुजारी का शव दफनाने को लेकर सोमवार देर शाम दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद के चलते घंटों तनाव की स्थिति रही। सूचना पर बांसी और खेसरहा थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर मामला शांत कराया। विवाद के चलते करीब चार घंटे तक शव मौके पर ही पड़ा रहा।
मसैचा निवासी काशीनाथ (80) गांव के बाहर स्थित शिव मंदिर में पूजा-पाठ करते थे। वह मंदिर परिसर में बनी कुटिया में रहते थे। कुछ ही दूर पर स्थित अपनी भूमि के कुछ भाग पर बागवानी भी कर रखी थी। उन्होंने मौत के बाद बाग में ही शव दफन करने की अंतिम इच्छा ग्रामीणों के समक्ष रखी थी। सोमवार भोर पुजारी के निधन के बाद देर शाम ग्रामीण शव लेकर बाग में दफनाने पहुंचे तो पास स्थित एक अन्य धार्मिक स्थल से जुड़े लोग विरोध करने लगे। कुछ ही देर में दोनों पक्षों से बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। तनातनी बढ़ती देख किसी ने सूचना यूपी-100 को दे दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते देख खेसरहा थाने को सूचित किया। कुछ ही देर में बांसी व खेसरहा थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पंचायत हुई। बाद में दोनों पक्षों की सहमति से तय स्थान पर ही शव दफन कराया गया। इस संबंध में एसओ रणधीर मिश्र ने कहा कि सूचना मिलते ही फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। दोनों पक्षों में सामंजस्य बनाकर विवाद सुलझा लिया गया है। शव को दफन करा दिया गया।