लोटन कोतवाली क्षेत्र के भिटपरा टोला पंडितपुर गांव में शनिवार को नीचे लटक रहे हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। करंट के कारण महिला का शरीर बुरी तरह झुलस गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। विद्युत विभाग के एसडीओ-जेई सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मुआवजे की मांग कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस को शव हटाने से रोक दिया। करीब तीन घंटे तक हंगामे के बाद एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। मामले में एसडीओ, जेई समेत चार लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
लोटन के भिटपरा गांव पंडितपुर टोले में 11 हजार वोल्ट का तार साढ़े चार फीट की ऊंचाई पर लटक रहा है। शनिवार सुबह गांव के रामअवध प्रजापति की पत्नी मालती देवी (45) अपने खेत में बोई गई प्याज की फसल देखकर लौट रही थी। खेत के पास लटकते हाईटेंशन तार में उसका गर्दन फंस गया।
करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। साथ ही उसका पूरा शरीर काला पड़ गया। उस रास्ते से गुजर रहे गांव के अन्य लोगों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुुंची पुलिस को ग्रामीणों ने शव हटाने से रोक दिया।
उनका कहना था कि करीब एक माह से हाईटेंशन तार नीचे लटक रहा है। इस बारे में विभागीय अफसरों को कई बार सूचना देकर तार कसने की मांग की गई थी, मगर उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है।
लिहाजा जब तक घटना के लिए जिम्मेदार एसडीओ, जेई सहित अन्य कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं दिया जाएगा, शव का पंचनामा नहीं होने दिया जाएगा। करीब तीन घंटे तक हंगामा और प्रदर्शन जारी रहा। मौके पर एसडीएम राजित राम प्रजापति, तहसीलदार विमल कुमार शुक्ला ने ग्रामीणों से वार्ता कर समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
बाद में एसडीएम के निर्देश पर एसडीओ अखिलेश्वर प्रसाद, जेई लालजी राम त्रिपाठी, संविदाकर्मी श्रवण कुमार पांडेय निवासी करुवावल कला व राम लखन निवासी खखरा खुर्द पर लोटन कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद और इंदिरा आवास दिलाने का आश्वासन दिया।
कोतवाली प्रभारी अटल बिहारी ठाकुर ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। विवेचना के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट होगी। एसडीएम सदर राजितराम प्रजापति ने बताया कि मामले में प्रथम दृष्टया कर्मचारियों की लापरवाही मानते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन हर संभव मदद दिलाने की कोशिश करेगा।