श्रीमद्भागवत कथा के लिए कलश में जल भरने राप्ती नदी के तट पर गई बालिका की डूबने से मौत हो गई। पैर फिसलने से दो अन्य बालिकाएं भी नदी में चली गई। साथ आए लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। बालिका की मौत से गांव में मातम छा गया है। पूजन-अर्चन में जुटे लोग बालिका के अंतिम संस्कार में लग गए हैं। मामला गोल्हौरा थाना क्षेत्र के बलभद्र गोबरहा गांव का है।
बलभद्र गोबरहा गांव में मंगलवार से शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई थी। गाजे-बाजे के साथ सिर पर जलकलश लेकर महिलाओं-बालिकाओं की टोली समीप स्थित महुआ गांव के पास राप्ती नदी के तट जल भरने पहुंची थी।
कलश में जल भरने के दौरान रमेश की 11 वर्षीय पुत्री नेहा का पैर फिसल गया। इससे वह गहरे पानी में चली गई। साथ आई सोनू व काजल भी पैर फिसलने से नदी में चली गई। लड़कियों की चीख-पुकार सुन लोगों की नजर पड़ी तो बचाव में जुटे।
गांव के ही राजेश ने नदी में छलांग लगाकर डूबती लड़कियों को बचाने की कोशिश की। सोनू व काजल को तो सकुशल बाहर निकाल लिया गया, लेकिन नेहा नदी में डूब गई। काफी मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला जा सका। घटना से गांव में मातम छा गया है। बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।