भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में तैनात सेक्रेटरी मुख्तार अली को फर्जी आवास आवंटन के मामले में निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड सेक्रेटरी मुख्तार अली के पास 26 ग्राम पंचायतों का चार्ज है। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि के प्रथम खातों पर रोक लगा दी है।
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के बिजवार बढ़ई गांव निवासी अखिलेश प्रसाद मिश्रा ने 14 अक्टूबर 2016 को डीएम से शिकायत कर अपने ग्राम पंचायत में अपात्रों को इंदिरा आवास दिए जाने का आरोप लगाया था। पांच माह बीत जाने के बाद भी इस मामले पर कोई जांच नहीं हुई। दो मई को राप्ती नदी कटान का निरीक्षण करने आए मंडलायुक्त को अखिलेश व गांव के अन्य लोगों ने शिकायती पत्र देकर मामले की जांच करने की मांग उठाई। मंडलायुक्त ने खुद गांव में जाकर जांच करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया था। डीपीआरओ ने जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने व अपात्रों को सरकारी योजना का लाभ दिलाने के आरोप में सेक्रेटरी मुख्तार अली को निलंबित कर दिया है। साथ ही बीडीओ को पत्र भेजकर मुख्तार अली के चार्ज लिए ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि के प्रथम खाते से धनराशि की निकासी पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा डीपीआरओ ने सभी संबंधित बैंकों के शाखा प्रबंधकों को भी पत्र जारी कर सेक्रेटरी के हस्ताक्षर पर लेनेदेन करने से मना कर दिया है।
इस संबंध में भनवापुर ब्लॉक के प्रभारी बीडीओ अशोक कुमार दुबे ने बताया कि डीपीआरओ के निर्देश पर आरोपी सेक्रेटरी को निलंबित कर कार्यमुक्त कर दिया गया है। अपात्रों ने अगर सरकारी धन आहरित किया है तो उनसे रिकवरी करवाई जाएगी।