जवाहर बाग में सत्याग्रह के नाम पर लोगों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। शनिवार को पुलिस की शरण में पहुंचे जीजा-साले यह जानकारी दी। दोनों ने बताया कि बाबा जयगुरुदेव के मंदिर में दर्शन करने आए थे। यहां से उन्हें बहकाकर कुछ लोग जवाहर बाग ले गए। वहां करीब एक माह तक बंधक बनाए रखने के दौरान मानसिक रूप से परेशान किया। पुलिस ने दोनों को उनके गृहनगर रवाना कर दिया है।
तड़के गांव सांखी थाना महाना जिला सिद्धार्थनगर निवासी बेचन सिंह (70) अपने साले नेपाल के रूपनदेही जिला निवासी नंदलाल सिंह के साथ अचानक जवाहर बाग से निकलकर पुलिस और पीएसी जवानों के पास जा पहुंचे। जवान दोनों को सदर बाजार थाने ले गए।
यहां सीओ सिटी और एसपी सिटी को बेचन और नंदलाल ने आपबीती बताई। इसके बाद सिविल लाइन चौकी आकर बेचन सिंह और नंदलाल ने बताया कि वे ब्रह्मलीन बाबा जयगुरुदेव के अनुयायी हैं। एक माह पहले हाईवे स्थित आश्रम में दर्शन के लिए आए थे।
उन्हें यहां से एक व्यक्ति बाबा जयगुरुदेव मंदिर की अन्य शाखा दिखाने की कहकर जवाहर बाग ले आया। दोनों का आरोप है कि इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया गया और मानसिक रूप से परेशान किया। खाने में केवल सुबह पतली खिचड़ी और शाम को रोटी और पतली दाल दी जा रही है।
बिजली कटने के बाद स्नान भी नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने पुलिस को यह बात लिखित में भी दी। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों की शिकायत पर थाना सदर बाजार में रामवृक्ष यादव और चंदनबोस के खिलाफ लोगाें को बंधक बनाने की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। पुलिस ने बेचन और नंदलाल को खाना खिलाने के बाद उनके घर के लिए रवाना कर दिया है। यात्रा के लिए धनराशि भी दी है।