सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल परिसर से शुक्रवार रात बच्चा चोरी होने का मामला सामने आया है। आठ वर्षीय बालिका को झांसा देकर एक महिला उसके नौ माह के भाई को परिसर से चुरा ले गई। मामला संज्ञान में आने के बाद हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने अस्पताल के आसपास गहन छानबीन की। भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से पूछताछ की, मगर कोई सुराग नहीं मिल सका। सीसी टीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध महिला को चिह्नित किया गया है। उसका स्केच तैयार कराकर पहचान शुरू करा दी गई है।
गोल्हौरा थाना क्षेत्र के दुबायल पांडेय गांव निवासी रामफल की पत्नी लीलावती को नौ माह पूर्व जुड़वा बच्चे (एक लड़की, एक लड़का) हुआ था। पति के मुंबई में होने के चलते लीलावती शुक्रवार को लड़की की तबीयत खराब होने पर अस्पताल लेकर आई।
साथ में दूसरा बच्चा व आठ वर्षीय पुत्री नंदिनी भी थी। इमरजेंसी वार्ड में मासूम का उपचार चल रहा था। रात करीब साढ़े 9 बजे नंदिनी अपने भाई को गोद में लेकर इमरजेंसी के बाहर टहल रही थी। बताते हैं कि इसी बीच एक महिला वहां पहुंची और नंदिनी को बहला-फुसलाकर बच्चा अपनी गोद में ले लिया।
नंदिनी को 100 का नोट देकर पास की दुकान से आमलेट लाने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद नंदिनी वापस आई तो महिला बच्चा समेत गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी महिला का कुछ पता नहीं चला। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी आस-पास गहन छानबीन की, मगर सफलता नहीं मिली।
शनिवार को अस्पताल के सीसी टीवी फुटेज भी खंगाले गए। काफी मशक्कत के बाद एक संदिग्ध महिला को चिह्नित किया गया है, जो काफी देर से इमरजेंसी वार्ड व उसके आस-पास भटक रही थी। उसकी गोद में भी एक बच्चा था।
बालिका के संकेत के बाद पुलिस ने महिला का स्कैच तैयार कर तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में देर शाम तक कोई कामयाबी नहीं मिल पाई थी। सदर एसओ शिवाकांत मिश्र ने बताया कि फिलहाल तहरीर नहीं मिली है।
पुलिस गायब बच्चा व महिला की तलाश कर रही है। रिश्तेदारों को भी बुलाया गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि महिला अपनी बच्ची को लेकर अस्पताल में भर्ती थी। बच्चा वार्ड के बाहर परिसर से चोरी हुआ है। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस को अवगत करा दिया गया था। अस्पताल प्रशासन हर संभव मदद को तत्पर है।