सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की ओर से शहर में जगह-जगह बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में गुणवत्ता की पोल खुल गई है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड कार्यालय के बाहर मुख्य मार्ग की पटरी पर निर्माणाधीन चार सीट वाला भवन पहली बारिश में ढह गया। गनीमत रही कि शौचालय का संचालन शुरू नहीं हो सका था, अन्यथा बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
शहर में प्रमुख स्थानों पर नगर पालिका परिषद की ओर से बनवाए जा रहे सार्वजनिक सुलभ शौचालयों के निर्माण में गड़बड़ी व अनियमितता की शिकायतें आम थीं ही, बीती रात हुई झमाझम बारिश ने पोल भी खोल कर रख दी। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क की पटरी पर निर्मित हो रहा चार सीट वाला सार्वजनिक शौचालय भरभरा कर ढह गया। घटना रात की होने के कारण इस दौरान किसी के हताहत होने की बात सामने नहीं आई। शहर के बीचोंबीच निर्मित हो रहे इस भवन के दिन में ढहने से निश्चय ही किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था। इस घटना के बाद नगरपालिका प्रशासन की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों में आएदिन गड़बड़ी और अनियमितता होने की शिकायतों की पुष्टि करता है। अधिशासी अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि संबंधित कार्यदायी संस्था का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। वैसे भी निर्मित होने के तीन वर्ष तक देखभाल उन्हीं के जिम्मे हैं।
सोशल मीडिया पर भी छाया रहा मुद्दा
नगरपालिका की ओर से बनाया गया शौचालय ढहने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी जोर-शोर से मुद्दा छाया रहा। आरटीआई कार्यकर्ता प्रशस्त उपाध्याय ने बाकायदा गिरे हुए शौचलाय का फोटो पोस्ट कर नगर पालिका के कार्यों पर सवाल उठाए हैं। इस पर शहर के तमाम नागरिकों ने कमेंट कर नगरपालिका को बेहतर ढंग से कार्य करने की नसीहत भी दी है।