सिद्धार्थनगर। प्रेमी के हाथों धोखा खाने के बाद आरकेस्ट्रा ग्रुप में काम करने को मजबूर नाबालिग को आठ माह बाद उसका बाजार पुलिस ने शनिवार की देर शाम मुक्त कराया। पुलिस आरोपी प्रेमी की खोज में जुटी हुई है। आरकेस्ट्रा ग्रुप के संचालक की भी खोज जारी है। मामला थाना क्षेत्र उसका बाजार के एक गांव का है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग एक युवक से व्हाट्स एप पर बातचीत करने के दौरान हो गया था। दिसंबर 2015 में दोनों घर से फरार हो गए। कुछ दिनों तक नौगढ़ के एक होटल में रुके। उसके बाद जोगिया बाजार में एक कमरा किराए पर लेकर रहे। यहां से युवक किशोरी को धोखा दे फरार हो गया। युवक की खोज में किशोरी गोरखपुर पहुंच गई, जहां उसकी मुलाकात कप्तानगंज के एक आरकेस्ट्रा संचालक से हुई।
संचालक ने सब्जबाग दिखाते हुए आरकेस्ट्रा ग्रुप में काम करने को राजी कर लिया। सूत्रों ने बताया कि पहले परिजन लोकलाज के भय से पुलिस को सूचित नहीं किए। अपने स्तर से किशोरी की खोज करते रहे। जून 2016 में किशोरी के फरार होने की प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद से पुलिस ने खोज शुरू किया। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में किशोरी को प्रेमी का असली नाम नहीं मालूम चल सका। नौगढ़ में कहां व किस होटल में रखा था, यह भी नहीं बता पाई।
इस संबंध में एसओ उसका बाजार रामसिंहासन सिंह ने बताया कि किशोरी को आरकेस्ट्रा ग्रुप से मुक्त कराया गया। किशोरी का मेडिकल कराया गया है। एसपी महेंद्र यादव ने बताया कि किशोरी की खोज में उसका बाजार थाना की पुलिस को लगाया गया था। आरकेस्ट्रा ग्रुप में काम करने की सूचना मिली थी, जहां से उसे मुक्त कराया गया। आरोपी प्रेमी की खोज जारी है। आरकेस्ट्रा ग्रुप संचालक की भी खोज की जा रही है। किशोरी को बरामद करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।