फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कूड़ा नदी पर धड़ल्ले से चल रहा खनन

Sun, 21 Jan 2018 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
लोटन में चोरी छिपे चल रहा अवैध बालू का खनन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
लोटन। शासन के सख्त रुख के बावजूद जिले में अवैध खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिम्मेदारों के मौन साधने से खनन माफिया मंसूबे में कामयाब हो रहे हैं। सिद्धार्थनगर व महराजगंज की सीमा पर कूड़ा नदी का तट उनके लिए मुफीद साबित हो रहा है। जनवरी में ही अब यहां अवैध खनन के आधा दर्जन से अधिक मामले उजागर हो चुके हैं। यह वह मामले हैं, जो थाने तक पहुंचे। इसके अलावा तमाम स्थानों पर चल रहे खनन की पुलिस-प्रशासन को भनक तक नहीं है। नेपाल के रास्ते जिले में आ रही कूड़ा नदी का तट बालू खनन के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है।
विज्ञापन

यही कारण है कि प्रतिबंधों के बावजूद खनन माफिया इस तट से बालू निकासी से बाज नहीं आ रहे। पुलिस-प्रशासन की स्थानीय इकाई से सांठ-गांठ कर खनन माफिया धड़ल्ले से बालू, मिट्टी की निकासी करा रहे हैं। कहीं ट्रैक्टर ट्रॉली से बालू की ढुलाई हो रही है तो कहीं साइकिल से अवैध खनन का बालू ले जाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अवैध खनन के मामले में जब उच्चाधिकारी सख्त होते हैं तो जिम्मेदार कुछ वाहनों को वाहवाही बटोरने में जुट जाते हैं। मामला शांत होते ही फिर से खनन जोर-शोर से शुरू हो जाता है। कूड़ा नदी के मोतियापुर, रामनगर, रमवापुर, गढ़मौर में रात व सुबह में अलग-अलग तरीकों से खनन अनवरत जारी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम छह बजे व सुबह चार बजे से कूड़ा नदी से बालू निकालने के बाद 50 रुपये बोरी बेचा जा रहा है। जब बालू खनन होता है तो कुछ लोग पुलिस के डर से निगरानी करते हैं। साथ ही क्षेत्र के आस-पास के गावों में बालू रात या सुबह गिरा दिया जाता है। इस संबंध में लोटन एसओ अंजनी कुमार राय ने बताया कि खनन को लेकर पुलिस पूरी तरह से संवेदनशील है। कई वाहन सीज भी किए गए हैं। कोबरा टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। अगर कहीं से खनन की जानकारी मिली तो कार्यवाही जरूर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें