सिद्धार्थनगर विकास भवन के अंबेडकर सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में खाद, बीज, सिंचाई और बांधों की बदहाली का मुद्दा छाया रहा। इन समस्याओं के समुचित समाधान में विभागीय अफसरों की उपेक्षा का किसानों ने आरोप लगाया। डीएम ने संबंधित विभागों को शीघ्र समस्याएं दूर कराने के कड़े निर्देश दिए।
किसानों ने बैठक में निशुल्क बोरिंग योजना में किसानों को दी जाने वाली 5000 रुपये के अनुदान में खराब पाइप होने और बोरिंग कराने के बाद भी अनुदान की राशि न मिलने की शिकायत की। डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लघु सिंचाई के जेई को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए।
लोटन में बोरिंग की पाइप की गुणवत्ता की जांच के लिए एक्सईएन को कहा। किसान यूनियन के मंडलीय अध्यक्ष पटेश्वरी चौधरी ने ड्रेनेज खंड के बंधों का मरम्मत कार्य, नहरों की सिल्ट सफाई, कपिलवस्तु के पास भरवनिया के टोला रेक्सैल में स्वच्छ पेयजल की समस्या रखी। एक्सईएन वीपी सिंह को दो दिन के अंदर प्रभावित बंधों की जांच कराकर मिट्टी आदि की भराई कराने का निर्देश दिया।
नहरों की सफाई से जो सिल्ट निकले उससे सड़कों को समतल किया जाए। जिलाधिकारी ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिया कि जिन शिकायतों का समाधान किया जा रहा है, उससे उप कृषि निदेशक व संबंधित किसान को भी अवगत कराएं। किसान दिवस में ककरहवा के पास नलकूप खराब होने, बिना कनेक्शन बिजली बिल आने, किसान क्रेडिट कार्ड, पात्र गृहस्थी कार्ड के लिए गांवों में खुली बैठक कराने, फसल बीमा योजना की शिकायतें भी रखी गई।
किसान दिवस में सीडीओ अखिलेश तिवारी, पीडी प्रदीप कुमार पांडेय, उप कृषि निदेशक डॉ.राजीव कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ.एसके तोमर, जिला कृषि अधिकारी एसएन चौधरी आदि मौजूद रहे।