सरकारी विभागों की तर्ज पर ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रकाशन का आदेश पिछले साल से लागू है। लेकिन ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा इसका पालन नहीं हो रहा है। यह काम जिले के कई ब्लॉकों में धड़ल्ले से चल रहा है।
ग्राम पंचायतों में विकास के लिए धन आते ही निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति के लिए निविदाओं का प्रकाशन आरंभ हो गया है। लेकिन डुमरियागंज, बर्डपुर, लोटन, खेसरहा समेत कई ब्लॉकों में नियमों को दरकिनार कर टेंडर निकलवाने का ‘खेल’ चल रहा है। सत्र 2015-16 में प्रदेश के ग्राम्य विकास आयुक्त ने सूबे के सभी जिलों में शासनादेश जारी कर ग्राम पंचायत या क्षेत्र पंचायतों में एक लाख रुपये से अधिक के काम में टेंडर निकालने का निर्देश जारी किया था।
इसके तहत ग्राम पंचायतों की विभिन्न योजनाओं, राज्य वित्त, तेरहवां वित्त, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि और मनरेगा के अंतर्गत आवंटित की जाने वाली धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों में प्रथम श्रेणी ईंट, इंटर लॉकिंग ईंट, सरिया, सीमेंट, पेंट, बोल्डर, बालू, मोरंग व अन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए निविदा का आमंत्रण जरूरी है। ऐसे में निविदा तो निकलवाई जा रही है, पर नियमों को दरकिनार करके।
सूत्रों के मुताबिक डुमरियागंज विकास खंड कार्यालय में मनरेगा का कार्य देखने वाले एक कर्मचारी ने बिना प्रसार वाले अखबारों की सेटिंग करवाकर ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से उसमें टेंडरों का प्रकाशन करवा रहा है, जिससे औपचारिकता भी पूरी हो जाए और अधिक लोगों को टेंडर के बारे में जानकारी तक न हो। क्षेत्र के प्रमोद, संदीप, अनूप, अब्दुर्रहीम आदि लोगों ने जिलाधिकारी से टेंडर में हो रहे खेल की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
वहीं जानकारी के मुताबिक शासन के मानकों को दरकिनार कर बर्डपुर ब्लाक के महदेवा कुर्मी, बर्डपुर नंबर-6, परसा, जमुअहवा, दुल्हा जुनैबी, दुल्हा खुर्द, बरगदवा, पकड़ी उर्फ मुड़िला, लोटन ब्लाक में कौलपुर ग्रांट, बघेली, देवपुर मस्जिदिया, सपही, विशुनपुर, बडजड़ बरगदही, धरनिहवा, भगता, खेसरहा ब्लाक में मधुवापुर, पेड़ारी बुजुर्ग, कलना खुर्द, धकहा, बक्सा, रेवना, हरैया सहित ब्लाक के 60 ग्राम पंचायतों के टेंडर दिए गए हैं। यह चंद पंचायतों के नाम तो सिर्फ नजीर हैं।
सूत्रों की मानें तो पूरे जिले में दो सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के टेंडर शासन के मानक को दरकिनार कर नाम मात्र की प्रसार संख्या वाले अखबारों में दिया गया है। बावजूद अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।
इस संबंध में डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने बताया कि प्रसार के मामले में दो प्रमुख समाचार पत्रों में निविदाओं का प्रकाशन अनिवार्य है। बैठक के दौरान भी जिले के सभी बीडीओ को हिदायत दी गई है। जांच में अगर कोई निविदा गैर प्रचलित अखबार में प्रकाशित मिली तो उस टेंडर को निरस्त कर फिर से निविदा निकाली जाएगी। किसी भी बीडीओ या सेक्रेट्री से यह नहीं कहा गया है। किसी अमुक अखबार में निविदा का प्रकाशन करवाए। शासनादेश की अवहेलना किसी भी प्रकार से क्षम्य नहीं होगी।