नई किरण में सुनवाई करते अधिकारी व मौजूद फरियादी।
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महिला उत्पीड़न संबंधित मामलों की सुनवाई रविवार को महिला थाना परिसर में नई किरण टीम ने किया। कुल 45 मामले प्रस्तुत किए गए। 3 मामलों में टीम ने सुलह कराया। 3 मामले निरस्त किए गए। 20 मामलों में दोनों पक्ष मौजूद रहे। 12 मामलों में एक पक्ष पहुंचा। 13 फाइलों में कोई पक्ष उपस्थित नहीं रहा।
सुनवाई में जिला संतकबीरनगर के थाना बखिरा के एक ग्राम की निवासी महिला ने कहा कि वर्ष 2006 में विवाह कोतवाली जोगिया के एक गांव में हुआ। पति दिल्ली के रेस्टोरेंट में बावर्ची के रूप में काम करता है। ससुराल के लोगों ने राय करके पति के पास दिल्ली भेज दिया। कुछ दिनों तक पति ने साथ में रखा और उसके बाद उसने एक बीयर बार में बेचने की कोशिश की। वहां से किसी प्रकार भागने में सफल रही।
ननिहाल के एक रिश्तेदार दिल्ली में मिले। उन्होंने बस का टिकट कटा दिया। किसी प्रकार मायके में पहुंची। पिता की मौत के बाद कहीं ठिकाना नहीं है। दो बच्चें है। इनकी परवरिश नहीं हो पा रही है। नई किरण टीम ने सुनवाई में पहुंचे सास व ससुर को निर्देशित किया कि पत्नी को पैतृक संपत्ति में हिस्सा दे।
बच्चों के पालन-पोषण में सहयोग करे। सास व ससुर ने रजामंदी दिखाई। सुनवाई में कोतवाली जोगिया के ग्राम भगौताजोत निवासी संगीता पत्नी राम मोहन, सदर थाना के ग्राम भैसहवा निवासी आबिदा खातून पत्नी मोहम्म्द नसीम व थाना डुमरियागंज के ग्राम हल्लौर निवासी शबाना खातून पत्नी अब्दुल्लाह के बीच सुलह कराया। इस दौरान प्रभारी महिला थाना अजीर्जुरहमान, काउंसलर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. विनयकांत मिश्रा, शमशुल हुदा, महिला आरक्षी शांति यादव, रुकमणी, मासूम आरा आदि मौजूद रहे।