सिद्धार्थनगर। जिले में फर्जी होमगार्डों का रैकेट काम कर रहा है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हथियाकर यह होमगार्ड लंबे समय से मानदेय भी उठा रहे हैं। फिलहाल ऐसे छह फर्जी होमगार्ड चिह्नित किए गए हैं। इनके खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज कर किया गया है।
पुलिस ने दो फर्जी होमगार्डों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया है। चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जिले में ऐसे अन्य होमगार्ड की पहचान भी शुरू कर दी गई है। विभागीय कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में है।
करीब दो वर्ष पूर्व होमगार्ड विभाग की ओर से नियुक्तियां हुई थीं। तब अपने क्षेत्र में कोई पद रिक्त न होने के कारण कई लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे क्षेत्र का प्रमाण पत्र बनवाकर वहां नौकरी हासिल कर ली। तैनाती के साथ ही वह विभाग से हर माह मानदेय भी लेते रहे।
इस बीच किसी ने शिकायत की तो होमागार्ड विभाग ने जांच शुरू की। जिसमें प्रमाणपत्रों की जांच में छह होमगार्ड फर्जी पाए गए। इनमें 2 महिलाएं व 4 पुरुष शामिल हैं। सभी सदर तहसील क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि इनके निवास प्रमाण पत्र इटवा के मूसापाली गांव के बनाए गए हैं।
मामला उजागर होने के बाद जिला कमांडेंट होमगार्ड रमेश कुमार ने सदर थाने में तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने लोटन थाना क्षेत्र के सैनुआ गांव निवासी रोहित मणि त्रिपाठी, प्रेमसागर सहित योगमती भारती, कुसुम मिश्रा, देवप्रकाश शुक्ला व बलराम सिंह के खिलाफ जालसाजी, नकली दस्तावेज के जरिए नौकरी पाने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
इसमें रोहित मणि व प्रेमसागर को जेल भेज दिया गया है। सदर एसओ शिवाकांत मिश्र के मुताबिक अन्य चारों आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एएसपी मंशाराम गौतम ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का मामला उजागर होने पर छह होमगार्डों के खिलाफ सदर थाने में केस दर्ज हो गया है। दो की गिरफ्तारी हो चुकी है। शीघ्र ही चार अन्य भी पकड़ लिए जाएंगे। मामले की हर पहलू से जांच करने को कहा गया है।