जाली नोट बरामदगी मामले में जिले की पुलिस ने नेपाल सीमा से एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। फेक करेंसी की खेप हाथ लगने की भी सुगबुगाहट है। पूर्व में भी इस संदिग्ध के पास जाली नोट की खेप बरामदगी हो चुकी है। वहीं गोरखपुर से वापस लौटी पुलिस टीम ने दोबारा दूसरे जिले की राह को थाम लिया है। पुलिस अधिकारियों में जल्द ही बड़े रैकेट के हाथ लगने की उम्मीद जताई है।
करीब एक माह पहले एसबीआई और फिर केनरा बैंक में जाली नोट जमा करने की कोशिश का मामला उजागर होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। पैसे जमा करते पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर सक्रिय पुलिस चारों तरफ हाथ-पैर मार रही है।
राडार पर वह लोग भी हैं, जो पूर्व में जाली नोट रखते, चलाते शिकंजे में आ चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने एक दिन पूर्व नेपाल सीमा क्षेत्र में एक संदिग्ध से वार्ता भी कराया था। माल लेने की बात भी किया। इसके बाद पुलिस के अधिकारी मुस्तैद हुए और संदिग्ध के घर जाकर नोट की गड्डी बरामद की।
तत्काल उसे आरबीआई की कानपुर ब्रांच में जांच के लिए भेज दिया। पुलिस ने संदिग्ध से चार-पांच घंटों तक सघन पूछताछ किया। इसमें भी पुलिस को सफलता मिलने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्र के मुताबिक संदिग्ध एक वर्ष पूर्व जाली नोट के खेप के साथ एसएसबी के हाथ लग चुका था।
जमानत पर छूटने के बाद उसकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसी की पैनी नजर रही। पुलिस की तीसरी टीम भी खुनुवां बॉर्डर पर विशेष व्यक्ति पर नजर रखे हुए है। पुलिस लोकेशन खोजने में लगी है।