सिद्धार्थनगर। प्रदेश में कच्ची शराब पहले भी बिकती थी और अब भी बिक रही है। यह बात आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब पर रोक लगाने की कोशिश जारी है। आबकारी विभाग हर 15 दिन में छापे मारता है।
कुशीनगर और सहारनपुर में जहरीली शराब से मौत के मामले में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि कच्ची शराब बनाना और बेचना नया नहीं है। यह पहले भी होता रहा है और अब भी हो रहा है। कुछ लोग इसे रोजी-रोटी का जरिया बनाए हुए हैं। कहा कि कच्ची शराब और इस धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अभी और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। मंत्री ने स्वीकार किया कि विभाग की कुछ कमियों के कारण कच्ची शराब पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लग पा रहा है। कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीर है। कुशीनगर कच्ची शराब कांड के मास्टरमाइंड राजेंद्र जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सहारनपुर मामले पर सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि वहां लोगों ने उत्तराखंड बॉर्डर से सटे गांव में जहरीली शराब पी थी। इस मामले में इंस्पेक्टर को निलंबित किया जा चुका है। साथ ही प्रदेश में कच्ची के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग कर जिलाधिकारियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों को इस धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है।