रिकॉर्ड लैपटॉप बरामद प्राइवेट कर्मचारी गिरफ्तार ।
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डुमरियागंज। तहसील के रिकॉर्ड रूम से चोरी हुए 39 में पुलिस ने 23 लैपटॉप शनिवार को बरामद कर लिए गए। मामले में तहसील सभागार में कार्यरत एक प्राइवेट कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।
डुमरियागंज के तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह 29 जनवरी को अभिलेखागार का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान कुल 41 में से 39 लैपटॉप गायब मिले। सूचना पर डुमरियागंज थाने में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी श्याम सुंदर की तलाश शुरू की गई। सीओ इटवा श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह शनिवार सुबह मुखबिर की सूचना पर राप्ती पुल के पास से श्यामसुंदर भट्ट निवासी भदहा थाना खलीलाबाद जिला संतकबीरनगर को गिरफ्तार किया। उसके पास से दो बोरियों में 23 लैपटॉप बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, लैपटॉप नेपाल में बेचने के लिए ले जा रहा था। इस दौरान टीम में एसआई पारसनाथ सिंह, शेषनाथ यादव, हमराही राजेन्द्र यादव, राम सिंह और भरत तिवारी मौजूद रहे। सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि प्राइवेट कर्मचारी श्याम सुन्दर के खिलाफ तहरीर मिली थी। लैपटॉप के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
16 लैपटाप कहां गए, पुलिस को नहीं पता
रिकॉर्ड रूम से चोरी हुए 16 लैपटॉप कहां गए। यह पुुलिस को पता लगा सकी। ऐसे में पुलिस का पर्दाफाश भी संदेह पैदा कर रहा है।
साहब! मेरे पास नहीं रहती चाबी, मुझे फंसाया जा रहा
लैपटॉप चोरी के आरोपी श्याम सुन्दर भट्ट ने कहा कि साहब! मैं निर्दोष हूं। मुझे बेवजह जिम्मेदार फंसा रहे हैं। इसके पहले मैंने इटवा तहसील में काम किया। मगर मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं लगा। डुमरियागंज में मैं 10 साल से प्राइवेट कर्मचारी के तौर पर काम रहा हूं। यहां भी अब तक मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं लगा था। रिकार्ड रूम और मेरे काम करने की जगह कंप्यूटर कार्यालय आमने-सामने हैं। मेरे पास रिकार्ड रूम की कोई चाबी नहीं रहती थी। रिकार्ड रूम की चाबी रजिस्टार कानूनगो के पास रहती है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।