बांसी। घर की माली हालत बिगड़ी तो परिवार चलाने के लिए सूद पर रुपये ले लिए। रकम की बोझ इस कदर बढ़ी की चुकाना नामुमकिन लगने लगा और सूदखोरों के उत्पीड़न ने जान देने पर मजबूर कर दिया। मामला बांसी कोतवाली क्षेत्र के राप्तीनगर वार्ड का है। शख्स की पत्नी ने सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पेड़ पर फंदे से टंगी हुई लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के इमिलिया गांव का निवासी बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश (52) बांसी कस्बे के राप्ती नगर वार्ड में 18 वर्षों से सिनेमा हाल के बगल में किराए का मकान लेकर होटल चलाने का कार्य करते थे और परिवार सहित उसी में रहते भी थे। शनिवार सुबह करीब 11 बजे परिजन उन्हें दुकान में जब नहीं पाए तो उन्हें तलाशना शुरू किया गया। दुकान के पीछे जब बाग में गए तो उन्हें रस्सी के सहारे एक पेड़ से फंदे से लटकती हुई लाश मिली। उन्हें उतार कर लोग अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित करते हुए सूचना पुलिस को दी।
ओमप्रकाश की पत्नी सुनीता नंदन व भाई किशन ने पुलिस को आत्महत्या के पीछे सूदखोरी को कारण बताया है। उन्होंने बताया कि चार पांच लोगों द्वारा सूद की रकम को लेकर उनका उत्पीड़न किया जाता था। प्रतिदिन दुकान पर आकर तरह-तरह की धमकी देते थे और अपमानित करते थे। लोकलाज से बचने के लिए ही उन्होंने ऐसा कदम उठाया है। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाए। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बांसी कोतवाल शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम में भेजा जा रहा है। पत्नी की ओर से सूद की बातें संज्ञान में आई है। पीड़ित से तहरीर लेकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।