इटवा। थाना क्षेत्र के इटवा-बांसी मार्ग पर स्थित सेंदूरी गांव के पास शुक्रवार की देर रात सड़क पर पड़े सांड़ को बचाते समय एक संविदा स्वास्थ्यकर्मी की कार पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार में सवार स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई। स्वास्थ्यकर्मी खुनियांव सीएचसी में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि इटवा में खाना खाने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ और उनकी जान चली गई।
गोरखपुर जिले के गोला बाजार थाना क्षेत्र के बेलापार पाठक गांव निवासी अष्टभुजा पाठक (25) पुत्र जय प्रकाश पाठक खुनियांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। वह दो वर्षों से संविदा पर काम कर रहे थे। शुक्रवार देर शाम अष्टभुजा अपनी कार से इटवा खाना खाने के लिए निकले थे। बांसी-इटवा मार्ग पर सेंदूरी गांव के पास पहले से ही किसी हादसे में सांड की मौत हो गई थी, जो सड़क के बीच में पड़ा था। जैसे ही अष्टभुजा की गाड़ी समीप पहुंची तो उसे बचाने के प्रयास में कार बेकाबू हो गई और सड़क के बगल स्थित पेड़ से जा टकराई। कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में अष्टभुजा की मौत हो गई। खुनियांव में उनकी पहली नियुक्ति थी। घर में केवल मां हैं। पिता की बहुत पहले मौत हो चुकी थी। मृतक सात बहनों के बीच अकेला भाई था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। केवल दो बहनों की शादी हुई है। इस संबंध में थानाध्यक्ष इटवा गोपाल स्वरूप बाजपेयी का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
लेखा प्रबंधक की मौत से स्वास्थ्य कर्मी दुखी
सिद्धार्थनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुनियावं में ब्लॉक लेखा प्रबंधक की मार्ग दुर्घटना में हुई मौत से विभागीय अफसर, चिकित्सक व सहकर्मी दुखी हैं। सीएमओ ने सीएचसी पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद बैठक कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सीएचसी खुनियावं पर शनिवार को सुबह होते ही माहौल पूरी तरह से गमगीन रहा। आने वाले मरीज व तीमारदार भी अवाक रह गए। बाद में उन्हें पता चला कि गोरखपुर जनपद के बेलापार पाठक गांव निवासी व यहां तैनात ब्लॉक लेखा प्रबंधक अष्टभुजा पाठक की शुक्रवार देर रात बांसी-इटवा मार्ग पर दुर्घटना में मौत हो गई। वह इटवा से खुनियावं स्वास्थ्य केंद्र पर आ रहे थे। अस्पताल पर पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्रा ने घटना के बारे में पूछताछ की और शोक सभा कर श्रद्धांजलि दी।
सीएमओ ने शोकाकुल परिवार को 11 हजार रुपये आर्थिक सहयोग दिया। पूरे जिले के सहकर्मियों ने भी सहयोग राशि एकत्र कर परिजनों को सौंपने का निर्णय लिया। इस दौरान प्रभारी अधीक्षक डॉ. एम डब्लू खां, चिकित्साधिकारी डॉ. अभय सिंह, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर अरविंद त्रिपाठी समेत महेंद्र कुमार, विनय श्रीवास्तव, ओम प्रकाश द्विवेदी, धर्मेंद्र विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।