सुनील सिंह की मौत पर रोते बिलखते परिजन।
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सिद्धार्थनगर। पीडब्ल्यूडी में तैनात एक मेठ की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। उसके सिर व शरीर के कुछ अन्य हिस्सों में चोट के निशान पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि उसे गंभीर रूप से मारपीट कर रेलवे क्रॉसिंग के पास छोड़ कर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वह गोरखपुर-गोंडा रेल लाइन के भीमापार रेलवे क्रॉसिंग के पास जख्मी हाल में मिला था।
कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र के मुजहना रहीम बस्तापुर गांव निवासी सुनील सिंह (45) पुत्र रामनिति सिंह जिले में पीडब्ल्यूडी मेठ के रूप में तैनात थे। वह नगर के स्टेट बैंक के पास एक मकान में किराए पर अकेले रहते थे। गुरुवार की सुबह करीब पांच बजे कुछ लोगों ने सदर थाना क्षेत्र के भीमापार गांव के पास गोरखपुर-गोंडा रेल लाइन के किनारे सुनील को जख्मी हाल में देखा। इस बीच किसी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुनील के सिर में पिछले हिस्से पर गंभीर चोट के निशान थे। इसके अलावा पीठ के पास दाहिने हिस्से में चोट के निशान मिले हैं। जिससे यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि उसे बुरी तरह मारा पीटा गया है और आत्महत्या का रूप देने के लिए भीमापार रेलवे क्रासिंग के पास फेंक दिया गया है। जानकारों का कहना है कि सुनील अगर ट्रेन की चपेट में आते तो पूरे शरीर में चोट के निशान होते जबकि शव देखने के बाद ऐसा कुछ भी नहीं था।
ठेकेदारों से थी अनबन
सूत्रों की मानें तो सुनील सिंह की कई ठेकेदारों से अनबन थी। कुछ दिन पूर्व विवाद भी हुआ था। इसकी वजह से वह काफी दबाव में रहने लगे थे। ऐसे में पुलिस के शक की सुई उधर भी घूम रही है। कुछ लोग कि आपसी विवाद में हत्या की बात कह रहे हैं। फिलहाल पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। एसओ सदर डीसी चौधरी ने बताया कि मामले की जानकारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा। अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है।