सिद्धार्थनगर। सुविधा शुल्क न देने पर लेखपाल ने एक युवती को विवाहित दिखा दिया। मामला शोहरतगढ़ के चेतरा गांव का है। लेखपाल द्वारा गलत रिपोर्ट लगाने की शिकायत डीएम के पास पहुंची तो उन्होंने पूरे मामले की जांच नायब तहसीलदार से कराने का निर्देश दिया।
शोहरतगढ़ तहसील के चेतरा गांव निवासी एक युवती ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है कि शैक्षिक कार्य के लिए निवास, जाति प्रमाणपत्र के लिए 25 जून को आवेदन किया था। क्षेत्र के लेखपाल ने इसके लिए सुविधा शुल्क की मांग की। रुपये नहीं देने पर उसने अंतिम आख्या में कूटरचित ढंग से गलत तथ्य के आधार पर उसे विवाहित दिखा दिया, जबकि उसकी शादी नहीं हुई है और न ही कहीं तय हुई है। लेखपाल के इस कृत्य से गांव व समाज में उसकी छवि धूमिल हो रही है। इससे उसे गहरा मानसिक आघात लगा है। पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ को प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार से जांच कराकर शिकायत सही पाए जाने पर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।