सिद्धार्थनगर। 17 दिन से शव घर में रखने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। शुक्रवार को उसने आनन-फानन में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में दर्ज केस को हत्या में दर्ज कर लिया। उधर, परिजनों ने हत्या का केस दर्ज होने की मांग पूरी होने के बाद भी शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी और हत्या का केस दर्ज होने की कॉपी मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार करेंगे।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के हरैया गांव निवासी लवकुश की मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के बड़हरा गांव में शादी हुई थी। वह ससुराल गया हुआ था। इसी दौरान सात मई को गांव के बाहर नदी किनारे पेड़ पर फंदे से लटकती उसकी लाश मिली। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था।लवकुश के भाई ने ससुराल वालों पर हत्या कर शव पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला किया। खबर अखबार में प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आनन-फानन में हत्या का केस दर्ज कर लिया। इस संबंध में एसओ सौदागर राय ने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बोले एसपी
- मामले को हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। फरार चल रहे अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
सांसद जगदंबिका पाल बोले
- भाजपा सरकार में किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा। न्यायसंगत कार्रवाई होगी। मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।