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‘मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती’

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मृत शिक्षिका के कमरे की जांच करने पहुंची पुलिस और घर पहुंचे शिक्षिका के िपता अजय यादव।  - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र मोहाना-गौहनिया मार्ग पर किराए के मकान में रह रही प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका अंजली के पिता अजय यादव ने कहा कि मेरी बेटी पढ़ी लिखी थी, वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती है। हालांकि उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर यह बताया है कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच करे जिससे कि सही और गलत का पता चल सके। वहीं, दूसरी ओर पुलिस मामले में अज्ञात पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में बर्डपुर कस्बे के एक सवर्ण व्यवसायी सहित एक शिक्षक और चार अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।नौगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गौहनिया में जिला जालौन के ग्राम हुसैपुरा सुरई निवासी अंजली (27) तैनात थी। करीब कुछ माह पूर्व वह रामकुबेर मद्धेशिया के मकान में किराए पर रहती थी। मंगलवार शाम उसके कमरे से लोगों ने धुआं उठते देखा और कमरा खुलवाने की कोशिश की। न खुलने पर किसी तरह कुंडी खोलकर लोग अंदर गए तो देखा कि उसकी मौत हो चुकी थी। एसओ मोहाना अंजनी राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर
पुलिस के पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर के बाद अब तमाम तरह के सवाल खड़े होने लगे है। मंगलवार को मोहाना पुलिस यह तक स्वीकार नहीं कर रही थी कि उसके पैर और गले में जंजीर के बंधे थे। लेकिन जब आलाधिकारियों तक बात पहुंची तो आनन-फानन में पुलिस ने पंचनामा रिपोर्ट तैयार किया। रिपोर्ट में यह बताया गया कि उसके पैर तार से बंधे थे और उसके गले में लोहे के जंजीर भी थे, जो बेड के पाए से ताला से बंधे थे। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कहानी दूसरी है। डॉक्टर के मुताबिक मिट्टी के तेल शरीर जलाने में प्रयोग किया गया है। 80 से 90 प्रतिशत के करीब शव जला है। इसके अलावा गले और पैर में किसी भी तरह के बंधने की बात नहीं आई है। पेट में अधपचा भोजन था।

स्वाट टीम ने की मकान मालिक के परिजनों से पूछताछ
शिक्षिका की हत्या के मामले में स्वाट टीम ने मकान मालिक के बेटी और पत्नी से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई है कि तीन बजे तक वह मकान मालिक की बेटी के साथ टीवी देख रही थी। अचानक चार बजे के करीब उसकी लाश जली हुई हालत में मिली।
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चीख तक की आवाज नहीं दी सुनाई
इतने दर्दनाक मौत के बाद अंजली के चीख की आवाज आसपास के लोगों को सुनाई तक नहीं दी। लोग धुंआ देखकर उसके कमरे तक गए। ऐसे में कही न कही पुलिस की पूरी कहानी घुमाने वाली ही प्रतीत होती है। क्योंकि घटना के बाद से ही पुलिस आसपास के लोगों को मौके से जबरन भगा दी थी। न ही किसी को बोलने तक दिया जा रहा था।

पुलिस भी कह रही है पैर में बंधे थे तार
मोहाना थाना की पुलिस के अलावा आलाधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उसके पैर में तार बंधे थे और उसका गर्दन भी जंजीर से बांधकर बेड के पाए में ताला से बंधा था। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट इसका जिक्र न होना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।

हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर होगी जांच
एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने बताया कि हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली नहीं की जाएगी। अगर हत्या हुई होगी तो जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि उसके पैर और हाथ बंधे थे। लेकिन कमरा अंदर से बंद था। ऐसे में जांच के बिना कुछ कहना संभव नहीं है। फिलहाल तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई है।

शिक्षकों को परिजनों से मिलने नहीं दिया गया
मोहाना थाना पुलिस शिक्षिका के परिजनों से शिक्षकों को मिलने तक नहीं दी। तानाशाही रवैया अपनाते हुए मोहाना एसओ परिजनों को अपने साथ लेकर पूरे दिन घूमते रहे। यहां तक कि शाम के वक्त परिजन जब मोहाना से मुख्यालय आए तो कई शिक्षकों ने मिलने का प्रयास किया, लेकिन एसओ ने मिलने से मना कर दिया। यहां तक कि मीडिया कर्मियों से भी बचाए रखा। दबी जुबान से कुछ शिक्षकों ने बताया कि मामले को दबाने की वजह से पूरी साजिश मोहाना थाना पुलिस रच रही है। क्योंकि मामला हत्या का है और पुलिस जबरन आत्महत्या बताने में जुटी हुई है।
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