सिद्धार्थ तिराहे पर एडीएम से वार्ता करते वाहन चालक संघ के लोग।
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सिद्धार्थनगर। मांगों के समर्थन में राजकीय वाहन चालक महासंघ के आह्वान पर संघ के पदाधिकारियों की ओर से जिले में भी वर्क टू रूल्स के तहत शाम पांच बजे के बाद सरकारी अथवा उत्तर प्रदेश सरकार का बोर्ड लगे वाहनों को रोककर विरोध जताया जा रहा है। इस बीच बोर्ड लगाकर अधिकारियों के ले जाने वाले कई वाहनों का टैक्सी में पंजीकरण न होने पर रोष जताया गया। इस बीच अपर जिलाधिकारी का वाहन रोका। जिस पर प़ुलिस फोर्स बुलया गया। जिससे सभी भड़क गए। बाद में सीओ और एसओ आदि के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
शनिवार को साड़ी तिराहे पर कई अफसरों के वाहनों को रोकर विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान एडीएम के वाहन को भी रोका। जिससे गुस्साए एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला ने पुलिस फोर्स बुला लिया। इससे सभी भड़क गए और पदाधिकारियों से झड़प भी हुई। मौके पर सीओ दिलीप सिंह व एसओ शमशेर बहादुर सिंह पहुंचे। इसके बाद मामला शांत हुआ। विरोध के दौरान कई अधिकारियों के वाहन टैक्सी में पंजीकरण न होने पर आक्रोश हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए डीएम, एसपी व एआरटीओ को कई बार मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया गया, बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि यह राजस्व को चूना लगा रहे हैं। जल्द ही मुख्य सचिव से इसकी शिकायत की जाएगी। शासन में लंबित 11 सूत्री मांगों यथा ग्रेड वेतन 2000 करने, वेतन में महंगाई भत्ता जोड़ने, चालकों के रिक्त पदों को भरने समेत वर्दी देने, धुलाई भत्ता बढ़ाने, टैक्सी प्रथा समाप्त करने, वाहनों का बीमा कराने आदि जैसी अहम मांगे शामिल हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष जयराम सिंह, जिला मंत्री आनंद सिंह समेत तीरथ प्रसाद, महेन्द्र पांडेय, जेपी चौधरी, दस्तगीर, पृथ्वी राज, सत्य प्रकाश सिंह, विजय कुमार और सुभाष आदि मौजूद थे।