बांसी क्षेत्र में मृतक के घर रोते बिलखते परिजन
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बांसी। मंगलवार रात करीब दो बजे गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान राप्ती नदी में डूबे दीपक वर्मा(21) का शव 32 घंटे बाद गुलहरिया राजा गांव के पास नदी में मिला। शव के मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। इसी बीच गुस्साए लोग शव सड़क पर रखकर जाम करने जा ही रहे थे कि पुलिस हल्का बल प्रयोग कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद से ही स्थानीय गोताखोर और बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे से 26वीं वाहिनी पीएसी की टीम शव को नदी में तलाश रही थी। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे क्षेत्र के गुलहरिया राजा गांव के पास नदी में शव को तैरते देख लोगों ने सूचना पुलिस को दी। इसके बाद कोतवाली प्रभारी रवींद्र कुमार सिंह सोनखर निवासी मुरारी यादव, पूर्व सभासद संजय रावत आदि के साथ ग्राम गुलहरिया राजा पहुंचे और स्थानीय लोगाें की मदद से शव को बाहर निकालवाया। जानकारी मिलते ही लोग जुटने लगे। कुछ लोगों की मांग पर शव को बांसी परिजनों को दिखाने के लिए ले जाया गया तो पूरा माहौल गमगीन हो गया।
नगरपालिका के प्रति जताया आक्रोश
शव के नगर में स्थित रानी मोहभक्त लक्ष्मी स्नान घाट पर पहुंचने के बाद मृतक के साथियों सहित कुछ लोगों ने पालिका की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इन लोगों ने शव को सड़क पर रख जाम लगाने की कोशिश् भी की। इनका कहना था नपा प्रशासन की लापरवाही से यह घटना हुई है। यदि नपा प्रशासन ने बैरिकेटिंग व प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था की होती तो यह घटना नहीं घटती। लोगों ने ईओ सहित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
रो-रो कर बुरा हाल
बांसी। मां बहन व भाई का बुधवार से ही रो रो कर बुरा हाल है। वे घटना के लिए ईश्वर को कोस रहे है। मां मंजू देवी बड़ी बेटी के पास बड़हलगंज में थी। सूचना मिलने के बाद वह बांसी पहुंची और तभी से उनका रो-रो कर बुरा हाल है। वह रोते बिलखते बेहोश हो जा रही हैं। ऐसा ही हाल बहन प्रीति व भाई प्रिंस का भी है।