सिद्धार्थनगर। जलनिकासी के विवाद में तीन वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में एडीजे एसएन त्रिपाठी की अदालत ने मां-बेटे को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की 70 फीसदी धनराशि मृतक की पत्नी को दिए जाएंगे। वहीं अर्थदंड न जमा करने पर दोनों दोषियों को 5-5 माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। मामला पथरा के भतीजवापुर गांव का है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजकुमार यादव व आशीष पांडेय के मुताबिक भतीजवापुर गांव निवासी जगदीश की अपने दरवाजे पर बाइक धुलाई करते समय जलनिकासी को लेकर पड़ोसी विकास से विवाद हो गया था। विकास व उसके घरवालों ने जगदीश की जमकर पिटाई कर दी। गंभीर रूप से जख्मी जगदीश की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक के भाई ध्रुवचंद की तहरीर पर पुलिस ने विकास, उसकी मां इशरावती, भाई राहुल, बजरंगी, पिता रामकेश के खिलाफ केस दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने विकास व मां इशरावती के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दायर किया। सत्र परीक्षण के दौरान 4 गवाह व 7 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान व अभिलेखों के परीक्षण में कोर्ट ने विकास व इशरावती को हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की 70 फीसदी राशि मृतक की पत्नी को देने का भी आदेश दिया है।