- दहेज हत्या को हत्या में परिवर्तित करके न्यायालय ने तीन को दोषी ठहराते हुए सुनाई उम्र कैद की सजा
- बांसी कोतवाली क्षेत्र के हरैया नानकार गांव में 24 जून 2020 को हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार की अदालत ने दहेज उत्पीड़न एवं दहेज हत्या के आरोपों को परिवर्तित करते हुए हत्या के अपराध में पति सुखराम, सास लालमती देवी पत्नी रामअचल, ससुर रामअचल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 20- 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी अभियुक्त कोतवाली बांसी थाना क्षेत्र के ग्राम हरैया नानकार के निवासी हैं।
घटना कोतवाली बांसी थानाक्षेत्र के हरैया नानकार की है। जो 24 जून 2020 को घटित हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार थाना जोगिया उदयपुर के ग्राम पकरडीहा निवासी राजेंद्र प्रसाद पासवान ने 21 वर्षीय पुत्री की शादी ग्राम हरैया नानकार थाना कोतवाली बांसी के सुखराम पुत्र रामअचल से 2016 में की। गौना वर्ष 2018 में दिया। पुत्री की शादी में अपने सामर्थ्य के हिसाब से उपहार स्वरूप दान-दहेज दिया था। शादी के कुछ दिन के बाद उसके दामाद सुखराम, पुत्री की सास लालमती एवं ससुर रामअचल शादी में कम दहेज मिलने के कारण पुत्री को मारते-पीटते तथा प्रताड़ित करते थे। पुत्री से कहते थे कि अपने माता-पिता से और रूपया मांग कर लाओ।
यह सब बातें जब उसकी पुत्री उसके पास आती थी तो उससे और परिवार के लोगों से रो- रोकर बताती थी। सब लोग पुत्री को काफी समझाते बुझाते थे कि बाद में सब ठीक हो जाएगा। दहेज कि बात को लेकर 24 जून 2020 को लड़की के पति सुखराम व सास लालमती देवी व ससुर रामअचल उसकी पुत्री को गला दबाकर मार डाला। उसको सुबह लगभग 11 बजे दिन में सूचना मिली तो वह अपनी पुत्री के ससुराल पहुंचा। गांव के अन्य लोग भी साथ में थे। पुत्री का शव मृत अवस्था में पड़ा है। पुलिस ने दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न के अपराध में केस दर्ज करके लाश का पोस्टमार्टम करवाया और आरोप पत्र न्यायालय भेजा। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी एडीजीसी संतोष कुमार मिश्र एडवोकेट ने किया।