बिस्कोहर/ कठेला। विकास खंड इटवा क्षेत्र के चेचराफ बुजुर्ग, सिसवा, कठेला शर्की व सौरहवां में ग्रांट के सामुदायिक शौचालयों में तैनात महिलाओं का मानदेय कई महीनों से नही मिल रहा है। जिससे उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जबकि महिलाओं का कहना है कि हम लोग सामुदायिक शौचालय पर बराबर ड्यूटी करते हैं।
सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए गांव से ही महिलाओं की नियुक्त की गई है। जिसमें समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। जिनका कार्य शौचालय की देखरेख के साथ साफ-सफाई करना है। इसके लिए उन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय भी देने का निर्देश जारी हुआ है। लेकिन विकास खंड इटवा क्षेत्र के कुछ गांव में मानदेय नहीं मिल रहा है। वह अपनी ड्यूटी बराबर कर रही हैं, जिसके चलते अब परिवार के सामने आर्थिक तंगी भी आ गई है। सिसवा के सामुदायिक शौचालय पर तैनात अकालमती ने बताया कि उनको जुलाई माह से पैसा मिला है। करीब 9 महीने हो गए अभी तक मानदेय नहीं दिया गया है। इस संबंध में एडीओ पंचायत इटवा संजय पटेल ने कहा कि जो केयरटेकर काम कर रहीं हैं उन्हें बराबर मानदेय मिल रहा है और इन लोगों को मानदेय क्यों नही मिला इसे पता करवाता हूं। यदि मानदेय नही मिल रहा होगा तो उनको मानदेय दिलाया जाएगा।