डुमरियागंज स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का निर्माणाधीन भवन की बनाई जा रही नीव और बाउंड्री। संव
डुमरियागंज। 40 वर्षों से किराए के भवन में चल रहे राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के छात्राओं को डेढ़ वर्ष बाद खुद का भवन मिल जाएगा। 4.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भवन का कार्य कार्यदायी संस्था सीएलडीएफ ने मार्च महीने के अंत से शुरू करा दिया है। प्रथम किस्त के रूप में 1.45 करोड़ रुपये अवमुक्त हो चुके हैं।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में संचालित एकमात्र राजकीय कन्या इंटर कॉलेज किराए के भवन में संचालित हो रहा है। यहां पर तैनात रहीं प्रधानाध्यापिकाएं जन प्रतिनिधियों से लगायत जिम्मेदार अधिकारियों से स्कूल की खुद की बिल्डिंग में संचालन करवाने की मांग लंबे अरसे से कर रहीं थीं। वर्ष 2017 में विधायक बने राघवेंद्र प्रताप सिंह से प्रधानाचार्या रजनी पांडेय ने बेटियों के शिक्षा की दुश्वारियों को बताकर स्कूल के पीछे जमीन बता भवन निर्माण करवाने की मांग की थी। विधायक ने शासन को पत्र भेजकर जीजीआईसी की निजी बिल्डिंग बनवाने की मांग की थी। अल्पसंख्यक कोटे से डिमांड के बाद भवन निर्माण के लिए शासन ने मंजूरी देते हुए 4 करोड़ 86 लाख रुपये निर्माण के लिए स्वीकृत कर दिए। उमाशंकर, मुकेश कुमार, तुफैल अहमद, पवन यादव, सुनील कुमार, सच्चिदानंद श्रीवास्तव ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा कराकर भवन को हैंडओवर कर कक्षाएं संचालित कराए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है। इस संबंध में सीएलडीएफ के अवर अभियंता शमशेर सिंह ने बताया कि जीजीआईसी भवन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रथम किस्त के रूप में एक करोड़ 45 लाख रुपया आवंटित हुआ है, जिसके तहत भवन की बुनियाद डालने तथा बाउंड्रीवॉल और पिलर का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही पुराने भवन को जमींदोज करके निर्माण का काम और तेज करा दिया जाएगा। 18 महीने में निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा तय की गई है।
जान जोखिम में डाल पढ़ाई करती हैं छात्राएं
डुमरियागंज। नगर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रजनी पांडे ने बताया कि सन् 1979 के पूर्व इस बिल्डिंग में मिनी डायट चलती थी। 1979 में यहां लड़कियों के लिए हाईस्कूल स्वीकृत हुआ, फिर 1996 में इसे इंटर कॉलेज का दर्जा दिया गया। भवन में कुल 6 कमरे हैं। जिसमें एक स्टोर रूम और एक में आफिस है। एक कमरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। शेष 3 कमरों में कक्षा 6 से लेकर इंटर तक की कक्षाएं चलती हैं। कुछ क्लास बरामदे तो कुछ खुले आसमान के नीचे बच्चियों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। इस समय ग्रीष्म अवकाश यानी गर्मियों की छुट्टी चल रहा है तथा विद्यालय भवन के बगल में भवन को लेकर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है उम्मीद है कि डेढ़ वर्ष में भवन निर्माण पूरा हो जाने के बाद छात्राएं उसी में पढ़ाई कर सकेंगी।