सिद्धार्थनगर। शहर में बिना पंजीकरण भूजल का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। बिना पंजीकरण भूजल का उपयोग करने वालों पर दो से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा अथवा छह माह से एक वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के अध्यक्ष व डीएम संजीव रंजन ने भूजल का व्यावसायिक उपयोग करने वालों को निर्धारित समय में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है।
शहर समेत जिले में बिना पंजीकरण एवं एनओसी के संचालित आरओ प्लांट की ओर उपभोक्ताओं को बढ़े रेट से पानी बोतल सप्लाई करने संबंधी खबर को अमर उजाला ने छह जून 2023 को ''पहले चूस लिया धरती का जल, अब डेढ़ गुणा दाम में बेच रहे बोतल'' शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद से जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद ने भूजल उपयोगकर्ताओं को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी है। लघु सिंचाई विभाग के एई अश्वनी शुक्ल का कहना है कि उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम 2019 के तहत भूमिगत जल को संरक्षित किया गया है। इसके तहत सभी औद्योगिक, वाणिज्यक, (निर्माण संबंधी), आरओ प्लांट, सामूहिक उपयोगकर्ताओ, अधिष्ठान यथा होटलों, लाजों, आवासीय कॉलोनियों, निजी चिकित्सालयों, रिजार्टों, सर्विस सेंटर, कारोबार प्रक्षेत्र, माॅल व वाटर पार्क के भूजल उपयोग करने वालों को पंजीकरण कराना एवं एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके लिए उपयोगकर्ता को उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल विभाग के ऑनलाइन पोर्टल निवेश मित्र पर आवेदन कर एनओसी और पंजीकरण कराना होगा। डीएम ने संबंधित भूजल उपयोगकर्ताओं को तत्काल पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है।