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दो कंपनियों का कोरोनारोधी टीका लगे 20 लोगों का लिया सैंपल

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शोहरतगढ़ क्षेत्र के औदही कला गांव में भिन्न कंपनी की दूसरी डोज लगाने के मामले में खून का सैंपल ले? - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दो कंपनियों का कोरोनारोधी टीका लगे 20 लोगों का लिया सैंपल
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तुलसियापुर। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) गोरखपुर ने शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के औदही कला गांव में 20 लोगों का तीसरी बार खून का सैंपल लिया। इन लोगों को कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज भिन्न कंपनी का लग गया था। आईसीएमआर के दो वैज्ञानिकों समेत पांच सदस्यीय टीम ने बुधवार को इन लोगों के खून का सैंपल लिया।
बढ़नी पीएचसी के अंतर्गत गांव के उपकेंद्र में 14 मई 2021 को 20 लोगों को कोवैक्सिन का टीका लगा दिया गया, जबकि उन्हें पहली डोल कोविशिल्ड की लगी थी। उसके बाद यह गांव चर्चा में आ गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आईसीएमआर के डीजी को पत्र भेजकर औदही कला में स्वास्थ्य कर्मियों के लापरवाही का शिकार हुए लोगों की समुचित जांच करने को कहा था।
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सभी 20 लोगों की एंटीजन सहित कुल सात प्रकार की जांचें हुईं। बुधवार को बढ़नी पीएचसी के प्रभारी डॉ. अविनाश चौधरी की मौजूदगी में इन लोगों के खून का सैंपल लिया। आईसीएमआर गोरखपुर की पांच सदस्यीय टीम वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गौरव राज द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंची। सबसे पहले टीम ने कोरोना से बचाव के लिए अलग-अलग कंपनियों के डोज लगवाने वाले औदही कला के लोगों से मुलाकात की। टीम ने ब्लड सैंपल को हीरो कन्वर्जन की जांच के लिए आईसीएमआर के एनआईवी केंद्र पुणे भेजा। आईसीएमआर गोरखपुर के वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि काकटेल का शिकार हुए 20 लोगों की चार बार आईसीएमआर की टीम ने जांच की है। दूसरी बार एक माह बाद, तीसरी बार छह माह बाद और फिर एक वर्ष बाद जांच की गई है। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक गौरव द्विवेदी, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. एसपी बेहरा, रविशंकर, एम्बिशात फातिमा, कमलेश, इशान, ओंकार, सत्येन्द्र, संतोष, श्रीनिवासन, आशा गायत्री देवी आदि मौजूद रहीं।
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जिन लोगों को एक ही कंपनी के दोनों डोज लगे हैं, कहीं उनसे अधिक प्रतिरोधक क्षमता औदही कला में 20 लोगों में पाया गया, जिन्हें दूसरी डोज में दूसरी कंपनी का टीका लगा दिया गया था। जांच रिपोर्ट के बाद सरकार ने दोनों खुराक अलग-अलग कंपनियों के लगवाने की छूट देने की योजना बना रही है। -डॉ. गौरव द्विवेदी, वरिष्ट वैज्ञानिक, आईसीएमआर गोरखपुर
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