मंडलीय समीक्षा में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की ली जानकारी
- सीएम बोले-योजनाओं के प्रति शिथिलता पर तय होगी अफसरों की जवाबदेही
- एक-एक अधिकारी से हुए मुखातिब, समीक्षा के दौरान फीडबैक खराब मिलने पर हुए नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को योजनाओं की मंडलीय समीक्षा से पहले जनप्रतिनिधियों से मिलकर अधिकारियों के कार्य व्यवहार की टोह ली। इसके बाद आयुक्त सभागार में पहुंचकर बैठक शुरू कर दी। उनका रुख बदला हुआ था। एक-एक अधिकारी से वह स्वयं मुखातिब हुए। योजनावार प्रगति खराब मिलने पर उनकी त्योरी चढ़ी रही तो कुछ मामलों में मुख्यमंत्री का रुख नरम भी रहा। फीडबैक देने के दौरान अफसर सहमे हुए थे। हालांकि कार्रवाई की गाज किसी पर नहीं गिरी लेकिन, सख्त चेतावनी के साथ नसीहत सभी को मिली।
बैठक में मंडल स्तरीय अधिकारी खुद मौजूद हुए तो बस्ती, सिद्धार्थनगर व संतकबीर नगर के विभागीय अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहेे। विभागवार समीक्षा के दौरान जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया। उन्होंने सभी से दो टूक कहा कि योजनाओं में प्रगति अच्छी न मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। शिथिलता किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
स्कूलों में समय भीतर नामांकन कराने का निर्देश
सीएम ने स्कूल चलोे अभियान की समीक्षा करते हुए सभी बीएसए को निर्देश दिए कि विद्यालयों में बच्चों का नामांकन समय से कराना सुनिश्चित कराए। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति भी होनी चाहिए। अधिकारी स्वयं विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें। नसीहत दी कि बच्चों के यूनिफार्म, काॅपी-किताब वितरण में देरी नहीं होनी चाहिए।
अस्पताल में तैनात किए जाए योग्य चिकित्सक
सीएम नेे कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण/ दस्तक अभियान को लेकर तीनों जिले के सीएमओ गंभीरता बरते। सभी अस्पताल में समुचित सफाई कराई जाए। यदि कहीं डाक्टरों की कमी है तो स्थानीय स्तर पर डीएम के माध्यम से योग्य चिकित्सकों की तैनाती कराई जाए। दवाओं की उपलब्धता हर हाल में होनी चाहिए। इन बिंदुओं पर कमी मिली तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
तटबंधोें की सुरक्षा को लेकर अधिकारी रहे सचेत
सीएम ने बाढ़ बचाव कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को चेताया कि तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सभी लोग सचेत रहे।संवेदनशील/ अतिसंवेदनशील तटबंधों की निगरानी रखी जाए। बाढ़ आने से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण होनी चाहिए। राहत सामग्री वितरण के लिए जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। सर्पदंश के मामलों में पीड़ित को तत्काल उपचार दिया जाए।
जनसहभागिता से कराए पौधरोपण
सीएम ने पौधरोपण अभियान की समीक्षा के दौरान जनसहभागिता पर विशेष जोर दिया। निर्देश दिए कि पौधों का वितरण जिम्मेदार व्यक्तियों को ही किया जाए। जिससे उसकी देखभाल भी हो सकें। अभियान में आमजन को शामिल कर पौधों को गोंद लिया जाए। पौधरोपण करते समय लोग अपने नाम की पट्टिका लगाकर उसके सुरक्षा का प्रण भी लें।
राजस्व मुकदमों के निस्तारण में शिथिलता क्षम्य नहीं
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों की जमकर क्लास ली। कहा कि मुकदमों के निस्तारण में शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
निर्देश दिए कि 1 से 3 वर्ष, 3 से 5 वर्ष व 5 वर्ष से अधिक समय के लंबित मुकदमों का निस्तारण मेरिट के आधार पर किया जाए। फरियादी पूरी तरह संतुष्ट होना चाहिए।
कमिश्नर, डीएम को दी विशेष जिम्मेदारी
समीक्षा के दौरान सीएम ने मंडलायुक्त और तीनों जिले के डीएम को विशेष जिम्मेदारी सौंपी। कहा कि जनता दर्शन में फरियादियों की समस्या को वह स्वयं सुनें। यदि कोई अधिकारी मौजूद नहीं है तो अपनी जगह दूसरे अधिकारी को नामित करें। समय-समय पर कार्यालयों का निरीक्षण भी करें। जनप्रतिनिधियों की समस्याओं का गंभीरता से निस्तारण कराए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुए शामिल
वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलीय समीक्षा बैठक में विकास भवन के एनआईसी में मौजूद जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर, एसपी प्राची सिंह, सीडीओ जयेंद्र कुमार आदि शामिल हुए।