सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बार को आवंटित भूमि के अतिरिक्त भूमि की मांग प्रशासनिक न्यायमूर्ति से करते हुए पत्राचार किया है। अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह एवं महामंत्री कृपाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि जनपद एवं सत्र न्यायालय सिद्धार्थनगर का उद्घाटन वर्ष 2000 में हुआ था। उस वक्त तत्कालीन जनपद न्यायाधीश यूपी सिंह कुशवाहा के सहयोग से न्याय सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने न्यायालय परिसर में भूमि की रजिस्ट्री बार एसोसिएशन को किया था। उस वक्त अधिवक्ताओं की संख्या सीमित थी, जिससे पर्याप्त भूमि की व्यवस्था थी। इसमें चैंबर बनाकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य में सहयोग करते रहें, लेकिन, समय के साथ अधिवक्ताओं की संख्या में बढोतरी होती गई और धीरे-धीरे बार एसोसिएशन को आवंटित भूमि कम पड़ने लगी। इसके बाद बार भूमि के अतिरिक्त भूमि विभिन्न जनपद न्यायाधीशों के सहयोग से अधिवक्ताओं को मिलती रही, जिस पर अधिवक्तागण चैंबर बनाकर न्यायिक कार्य में सहयोग करते हैं। संवाद