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मेडिकल कॉलेज में नियुक्तियों में ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच

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मेडिकल कॉलेज की आउटसोर्सिंग नियुक्ति में अपर पुलिस अधीक्षक से ठगी की शिकायत करते आवेदक। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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मेडिकल कॉलेज में नियुक्तियों में ठगी, पुलिस ने शुरू की जांच
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग के जरिए हो रही नियुक्तियों में ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। नौकरी के लालच में ठगी का शिकार हुए महराजगंज जिले को दो आवेदकों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ठगों का रैकेट होने की को आशंका जताई है।
मेडिकल कॉलेज में नियुक्तियों के लिए अधिकृत वाजपेयी ट्रेडर्स की ओर से प्रक्रिया शुरू की गई है। नर्स, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय सहित 373 पदों पर नियुक्तियां हो रही हैं। महराजगंज के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के एक युवक व युवती ने शिकायत की है कि मेडिकल कॉलेज में मिले व्यक्ति ने अपना नाम दीपक बताया और वाजपेयी ट्रेडर्स में अपनी खास पकड़ बताते हुए नियुक्ति कराने के नाम पर रुपये ले लिया।
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दोनों आवेदकों ने 30 जुलाई को एएसपी सुरेश चंद्र रावत से नियुक्ति के मामले में ठगी की शिकायत की है। तहरीर में रुपये नहीं दर्शाए गए हैं। पीड़ितों से पूछताछ के बाद मामले को साइबर सेल में भेज दिया गया है।
लॉटरी सिस्टम से निकाले गए नाम
वाजपेयी ट्रेडर्स ने सेवायोजन पोर्टल पर नियुक्तियों की विज्ञप्ति दी थी, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में सेवायोजन विभाग के अधिकारी शामिल नहीं थे। वाजपेयी ट्रेडर्स और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया में जिम्मेदारी निभाई है।
बताया जा रहा है कि एजेंसी के पोर्टल के माध्यम से पद के तिगुने आवेदकों के तीन-तीन कोड की सूची मेडिकल कॉलेज में भेजी गई। लॉटरी सिस्टम से जिनका नाम एजेंसी को भेजा गया, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी। बताया जा रहा है कि लॉटरी में एक कोड को चयनित कर लिया गया। बाकी दो कोड के आवेदक चयन प्रक्रिया बाहर हो गए।
इस मामले में आवेदकों की मांग थी कि लॉटरी के बजाय मेरिट के आधार पर नियुक्ति होनी चाहिए थी। इस संबंध में जिला सेवायोजन अधिकारी मिथिलेश मिश्र ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल पर सिर्फ आवेदन अपलोड किए गए हैं। नियम को दरकिनार कर नियुक्ति संबंधी कोई सूचना सेवायोजन के पोर्टल पर नहीं डाली गई, नियुक्ति प्रक्रिया में सेवायोजन विभाग के अधिकारी कर्मचारी शामिल नहीं हुए थे।
पहले भी आई थी शिकायत
मेडिकल कॉलेज की नियुक्ति प्रक्रिया में ठगी की शिकायत पहले भी हो चुकी है। कुशीनगर से आए आवेदक ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव से शिकायत की थी। इस मामले में कोतवाली थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर है।
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वर्जन-
मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के मामले में ठगी का शिकार हुए दो लोगों ने शिकायत की थी। साइबर सेल इस मामले की जांच कर रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी देना उचित नहीं है। -सुरेश चंद्र रावत, अपर पुलिस अधीक्षक
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