पट्टे के हिसाब की फाइल की जांच में पकड़ में आया मामला
बांसी तहसील के नाजिर का है गबन करने का मामला
तहसीलदार की तहरीर पर बांसी पुलिस ने दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। बांसी तहसील में तैनात नाजिर की ओर से 55 लाख रुपये गबन करने का मामला सामने आया है। तहसीलदार की ओर से पट्टे सहित अन्य रकम की हिसाब की जांच में मामला पकड़ में आया। इस मामले में डीएम के आदेश पर तहसीलदार ने बांसी कोतवाली में नाजिर के खिलाफ गबन करने का केस दर्ज कराया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं इतने बड़े घोटाले का मामला सामने आने के बाद तहसील में चर्चा बनी हुई है।
तहसील में कार्यरत नायब नाजिर बृजेन्द्र नाथ त्रिपाठी के ऊपर आरोप है कि रजिस्टर नंबर 4 व 9 में अवशेष धनराशि क्रमशः रुपये 5316608 व रुपये 231823 का सरकारी धन का गबन किया है। रजिस्टर नंबर चार में पूरे तहसील कार्यालय के व्यय का लेखा व रजिस्टर नंबर नौ में खतौनी व पट्टे के रकम का हिसाब रहता है। सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व जांच के क्रम में तहसीलदार देवेन्द्र मणि त्रिपाठी को अनियमितता नजर आई, जिसके लिए उनके द्वारा मामले को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया। जिलाधिकारी द्वारा उपरोक्त रकम को जमा करने का समय देते हुए रजिस्टर को ठीक करने का निर्देश दिया।
मंगलवार को दर्ज किए गए प्रथम सूचना रिपोर्ट में लिखा गया कि जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में बृजेन्द्र नाथ त्रिपाठी नायब नाजिर तहसील बांसी के विरुद्ध तत्काल सुसंगत धाराओं में प्रथम रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दिया। मिले तहरीर के आधार पर पुलिस ने सरकारी धन के गबन करने का केस दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि इस बारे में कोई कुछ बोल नहीं रहा है कि वास्तविक रूप से कौन से धन का गबन हुआ है। फिलहाल पुलिस की जांच में सत्यता उजागर हो ही जााएगी।
इस बारे में कोतवाली प्रभारी बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने कहा कि तहसीलदार द्वारा दिए गए शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस विषय में तहसील कर्मी कुछ कहने से बचते नजर आए तहसीलदार बांसी ने कहा कि रूटीन जांच में अनियमितता नजर आया। उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।