सिद्धार्थनगर। गुटखा, गुल और तंबाकू की लत में युवा कैंसर के रोगी बन जा रहे हैं। शौक में नशा करने वाले युवाओं को जब कैंसर की बीमारी हो रही है तो उनका बेइंतहा दर्द झेलना पड़ रहा है। पहले इन युवाओं ने लोगों का सुझाव नहीं माना लेकिन बीमार होने के बाद वे दूसरों को अच्छी सलाह दे रहे हैं।
दंत रोग विभाग के ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में कैंसर के भी लक्षण मिल रहे हैं। इन मरीजों की बायोप्सी जांच कराने पर कई युवाओं में कैंसर होने की पुष्टि हो रही है। जबड़े के आसपास छाले पड़ने, सूजन के साथ मवाद आने या मुंह कम खुलने के केस में पूछताछ में पता चल रहा है कि इन मरीजों ने गुटखा या तंबाकू का इस्तेमाल किया। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की एचओडी डॉ. शिल्पी गंगवार ने बताया कि ओपीडी में कम मुंह खुलने के केस आ रहे हैं। केस हिस्ट्री के अनुसार मरीजों को बायोप्सी के लिए रेफर किया जाता है।
महिलाओं में भी मुंह कम खुलने के केस
शहर के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ल ने बताया कि गुट्खा, गुल सहित किसी भी प्रकार से तंबाकू का सेवन करने वाले युवाओं को समझाने की आवश्यकता है। कैंसर की चपेट मे आने वाले का जीवन बहुत कठिन हो जाता है। जिले की महिलाएं भी गुल का इस्तेमाल कर रही हैं। महिलाओं के मुंह कम खुलने के केस आए हैं, लेकिन फिलहाल कैंसर पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई है।
केस एक
शहर में 22 साल के युवक के मुंंह में अल्सर था, उसकी बायोप्सी जांच में कैंसर पॉजिटिव रिपोर्ट आई। वह करीब आठ साल से गुटखा खाता है, अब सर्जरी होने वाली है।
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केस दो
लोटन के 30 साल के युवक के चेहरे पर सूजन थी और गाल से मवाद आ रहा था। शुरुआती दौर में दर्द था, लेकिन उसने जांच नहीं कराई। स्थिति गंभीर होने पर उसकी बायोप्सी जांच रिपोर्ट आई तो होश उड़ गए।
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केस तीन
बर्डपुर में 27 साल का युवक सूर्ती का सेवन करना था, उसकी ओठ में छाले पड़ गए थे। जांच हुई तो रिपोर्ट कैंसर पॉजिटिव आई। उसकी सर्जरी की गई। जान बच गई लेकिन चेहरा पहले जैसा नहीं है।