जिले में नहीं है इलेक्टि्क बस सेवा, ऑटो के सहारे में जा ही सकेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन पर्व में बुधवार से ही बहनें भाइयों की कलाई में राखी बांधने जाएंगी। इस त्योंहार में सड़कों पर बहनें और भाइयों की संख्या अधिक रहेगी तो परिवहन सुविधाओं की कमी भी अखर जाएंगी। सामान्य दिनों में ही बसों की कमी महसूस होती है, जबकि इलेक्टि्रक बसों का संचालन नहीं होता है। ऐसी स्थिति में ऑटो के सहारे ही लोगों को सफर करना मजबूरी होगी।
परिवहन निगम की डिपो में बड़ी बसे हैं, जबकि जिले क छोटे रूट पर अपेक्षाकृत कम सीट की बसों की कमी है। यहीं कारण है कि छोटे रूट पर बसों के संचालन में घाटा भी लगता है। जरूरत के मुताबिक निजी बसों की संख्या भी कम ही है। जब लोगों को कहीं आना जाना होता है तो ऑटो बुक करने में जेब ढीली होती है। ऑटो चालक भी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। वे जानते हैं कि सामने खड़े यात्री के सामने उनके अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।
डुमरियागंज नगर और ग्रामीण क्षेत्र में परिवहन निगम की बसें कई रूट पर नहीं चलती हैं जिसका फायदा प्राइवेट बस और टैक्सी चालक उठाते हैं। लोगों को मुंह मांगा किराया देना पड़ रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में रोष है।
भवानीगंज निवासी अजय चौधरी का कहना है पांच किलोमीटर की दूरी का किराया टेंपो वाले 20 रूपये लेते हैं। इतना ही नहीं लंबी दूरी की बुकिंग भी बेवा चौराहा से भडरिया और भवानीगंज, बढ़नीचाफा की बुकिंग 300 से 400 तक वसूल लेते हैं। इनकी मनमानी पर अंकुश लगना चाहिए। ग्राम पंचायत खरगौला निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि टेंपो चालकों की मनमानी इन दिनों काफी बढ़ गई है। रक्षाबंधन का पर्व नजदीक होने के चलते महिला यात्रियों को अपने मायके टेंपो का सहारा लेना पड़ रहा है। टेंपो चालक कम दूरी का ही किराया अधिक ले रहे हैं। इन पर पुलिस और आरटीओ की नजर नहीं पड़ रही है जिससे इनकी मनमानी चरम पर पर पहुंच गई है।
शहर के पकड़ी क्षेत्र के मनोज कुमार ने कहा कि इलेक्टि्रक बसों की सुविधा नहीं होने के कारण आए दिन ऑटो बुक करना पड़ता है। जितनी दूरी का किराया 10-20 रुपये होना चाहिए, उसके लिए 80 से 100 रुपये खर्च करना पड़ता है। शाम 7 बजे के बाद शहर में बस बंद होती है तो ऑटो बुक करना ही विकल्प होता है।