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Siddharthnagar News: जलस्तर घटने के बाद भी नौवें दिन लाल निशान पार है बूढ़ी राप्ती

Thu, 18 Jul 2024 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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लसियापुर कठेला मार्ग पर बाढ़ के पानी में पैदल जाती महिलाएं
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जिले की सभी बड़ी नदियां राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी व बानगंगा का घट रहा जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले के साथ ही नेपाल के पहाड़ों में बारिश कम होने से यहां की नदियों में आया उफान थमने लगा है। खतरे के लाल निशान को पार कर चुकी सभी नदियों का जलस्तर घटने से लोग राहत की सांस लेते दिख रहे हैं। सभी नदियों का जलस्तर बुधवार को कम हो रहा था, इसके बावजूद बूढ़ी राप्ती नदी लगातार नौवें दिन भी खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रही है। साथ ही कूड़ा नदी भी लाल निशान से आठ सेमी ऊपर बनी हुई है। वहीं राप्ती नदी लाल निशान से 17 सेमी नीचे आ गई है। नदियों का जलस्तर घटने के साथ ही कई मार्गों पर आवागमन शुरू हो गया है।
शहर के बीच से गुजरे जमुआर नाले में आए उफान से तेतरी, सोहांस, लोटन मार्ग पर मंडरा रहा खतरा अब जलस्तर घटने के साथ टलने लगा है। चार माह पहले बना यह नया मार्ग जमुआर में आए बाढ़ के पानी से कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि इस मार्ग को बांस और बोरियां डालकर मरम्मत करने का प्रयास किया गया है, जिस पर आवागमन शुरू हो गया है।
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तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार शोहरतगढ़ व इटवा तहसील में धीरे-धीरे बाढ़ का पानी कम हो रहा है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा, मटियार उर्फ भुतहवा, गड़रखा, पकड़िहवा, रेकहट, पथरदेईया, तालकुंडा, खैरा,बसहिया और इटवा तहसील के चेचराफ बुजुर्ग व भैंसाही जंगल बाढ़ से प्रभावित हैं। क्षेत्र के कठेला-तुलसियापुर मार्ग पर भुतहवा, झुंगहवां, तिरछहवा, कठेला में पानी चढ़ा हुआ है। इसी प्रकार मदरहवा-तौलिहवा मार्ग, झुंगहवां-झुलनीपुर मार्ग पर झुगहवा,इटहिया, प्रतापपुर में पानी चल रहा है। डुमरियागंज-ढ़ेबरुआ मार्ग पर पानी कम होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने आवागमन शुरू करवा दिया है।
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प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
तुलसियापुर। प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को राहत सामग्री व लंच पैकेट बंटवाया जा रहा है। वहीं इटवा तहसील के भैंसाही जंगल में बंधे पर शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि अब तक केवल एक बार ही उन तक लंच पैकेट पहुंचा पाया है। चिकित्सकों की टीम गांवों में कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। बाढ़ पीड़ितों कोदई साहनी, अशोक पासवान, चिनगी, मो.सफात, राम हरीश, हरेंद्र ने बताया कि सबसे अधिक दिक्कत पशुओं के चारे और बाढ़ पीड़ितों को पीने के पानी की है। हैंडपंपों से पानी दूषित हो गया है। प्रशासन ने क्लोरीन की गोली का वितरण करवाया है।
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तहसीलदार से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
सिद्धार्थनगर। डीएम डाॅ. राजागणपति आर ने तहसील डुमरियागंज में स्थापित बाढ़, आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने डुमरियागंज क्षेत्र के मैरूंड गांव बेतनार के ग्राम प्रधान से वार्ता कर राहत सामग्री के वितरण एवं समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त किया। तहसीलदार संतराज से 16 जुलाई 2024 को राहत सामग्री वितरण के बारे में जानकारी चाही गयी। पूर्ण जानकारी न होने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़, आपदा कंट्रोल रूम के संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों का नाम मोबाइल नंबर सहित बैनर लगाने का निर्देश दिया। एसडीएम को निर्देश दिया कि मैरुंड गांवों में लेखपाल के माध्यम से गर्भवती, बीमार, बजुर्ग को चिह्नित करा लें और सुरक्षित स्थल पहुंचाएं।
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सपा नेताओं ने बांटी राहत सामग्री
सिद्धार्थनगर। सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, अनुसूचित प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप पत्थरकट ने बाढ़ प्रभावित उसका व जोगिया कछार क्षेत्र के अजगरा, बगहिया, ताल नटवा, पनियहवा, हथीवड़ताल, बंगलवा गांव में पीड़ितों राहत सामग्री बांटा। उन्होंने प्लास्टिक की पल्ली के साथ भुजा, चूड़ा बांटा। जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि बाढ़ राहत सामग्री बांटने में प्रशासन पूरी तरह से विफल है, इस भयानक बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। इस दौरान रामसेवक लोधी, बृजभान यादव, कपिंद्र पासवान, चंद्रहास यादव, अब्दुल कलाम सिद्दीकी, जेपी यादव, मनोज साहनी, राधेश्याम यादव मौजूद रहे।

नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर मंगलवार बुधवार
राप्ती 84.900 85.13 84.73

बूढ़ी राप्ती 85.650 87.63 87.47
कूड़ा 83.520 83.80 83.60

घोघी 87.00 85.35 84.85

बानगंगा 93.420 93.40 93.40
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