इटवा। स्थानीय ब्लॉक सभागार में रविवार को भाजपा की ओर से अमृत काल बजट संगोष्ठी का आयोजन किया गया। पूर्व शिक्षामंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि यह बजट देश के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बजट भारत को एक सशक्त, समर्थ और विकसित राज्य बनाने की दृष्टि से लाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जिन्हें सप्तर्षि का नाम दिया गया है। इसके अंतर्गत समावेशी विकास, अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच, आधार भूत ढांचे में निवेश, क्षमता वृद्धि, हरित विकास, युवा शक्ति और वित्तीय क्षेत्र का विकास शामिल हैं। इस बजट में पुन: भारत को विश्व का नेतृत्वकर्ता देश की आधारशिला रखी गई है। अमृत काल का पहला आम बजट लोककल्याणकारी है। यह गांव, गरीब, किसान, आदिवासियों, दलित, पिछडों, शोषित, वंचित, दिव्यांग, आर्थिक रूप से पिछड़े और मध्य वर्ग के लोगों को सशक्त व सक्षम बनाएगा। इज ऑफ लिविंग बढ़ने के साथ यह दुनिया में सबसे तेज गति से देश को विकास की राह पर ले जाएगा। पीएम ने इस बजट के माध्यम के माध्यम से पुरानी टैक्स व्यवस्था को खत्म करते हुए मध्यम वर्ग के नौकरी पेशा वालों को ऐतिहासिक तोहफा दिया है। उन्हें सात लाख रुपये सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
गोष्ठी में भाजपा नेता रामकृपाल चौधरी, कृष्णा मिश्र, अजय गुप्ता, दीपनारायण त्रिपाठी, अशोक पाठक, श्रवण गिरी, रामसूरत चौरसिया, रामानंद मिश्र, जिपस प्रदीप कसौधन, रामकृपाल चौधरी, बलराम मिश्र आदि मौजूद रहे।