- पीड़ित ने कार्रवाई के लिए सीएमओ को भेजा पत्र
- इटवा नगर पंचायत के एक निजी अस्पताल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। थाना क्षेत्र के लटेरा गांव निवासी मोनू मौर्य ने कस्बे के एक निजी अस्पताल पर रुपये लेकर इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल संचालक ने पत्नी की सामान्य डिलीवरी कराने के नाम पर भर्ती कर लिया। फीस भी जमा करा ली। दर्द होने पर बुधवार आधी रात को ही अस्पताल से बाहर कर दिया गया। इस दौरान उसके दो आभूषण भी चोरी हो गए।
मोनू मौर्य के मुताबिक प्रसव पीड़ा होने पर 22 फरवरी को पत्नी को इटवा कस्बे के बढनी मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। भर्ती के दौरान अस्पताल के संचालक ने नार्मल डिलीवरी कराने के आश्वासन पर पूरी फीस जमा करा ली। इसके बाद बोतलें चढ़ाई जाने लगीं। देर रात महिला की हालत बिगड़ते देख अस्पताल में कार्यरत कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए और दूसरे अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाने लगे। असमर्थता जताने पर कर्मियों ने आधी रात को ही पत्नी को बिस्तर से उठाकर बाहर लिटा दिया।
इस दौरान पत्नी के दो आभूषण भी चोरी हो गए। किसी तरह प्राइवेट वाहन की व्यवस्था करके जनपद मुख्यालय के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर पत्नी को भर्ती कराया। पीड़ित ने इस मामले में सीएमओ को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।