इटवा। इटवा थाने के ग्राम दुबायल तिवारी में सोमवार को आयोजित एक शाम कौमी एकता के नाम ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में बस्ती के मशहूर शायर असहद बस्तवी ने एकता जब बयान होती है, घंटियां मंदिरों में बजती है, मस्जिदों में अजान होती है.... सुनाया तो लोग वाह-वाह कहने लगे।
मशहूर शायर हिना अंजुम ने गजल के माध्यम से ...जिंदगी मेरी रंगे हिना हो गई, पहले पत्थर थी अब आईना हो गई सुनाकर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। हास्य कवि बिहारी लाल अंबर चुटकुलों से पूरी रात दर्शकों को गुदगुदाते रहे। मंजर भोपाली, हाशिम फिरोजाबादी, अल्ताफ जिया, आलम निजामी, फखरूल इस्लाम, चांदनी शबनम, गुल ए सबा, हबीबा इकराम आदि मशहूर शायर व कवियों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी। संचालन नदीम फारूख ने किया।
इस दौरान नफीस खान, विनोद वर्मा, बेचई यादव, अब्दुल मोईन खान, शमशेर खान , हरिश्चंद्र, इश्तियाक अहमद, शाबान खान, इबारत अली , मनव्वर खान, डाॅ. इस्तेखार अहमद, मकसूद अली, बरकत खान, बबलू खान मौजूद रहे।