जर्जर और गढ्डे में तब्दील शहर का नवीन मंडी मार्ग। संवाद
सिद्धार्थनगर। शहर के प्रमुख मार्गों में शुमार नवीन मंडी रोड के गड्ढों से बरसात के पहले ही निजात मिलने की उम्मीद जगी है। नगर पालिका 38 लाख रुपये की लागत इस मार्ग के क्षतिग्रस्त एवं जर्जर हिस्से की चार सौ मीटर सीसी सड़क एवं नाली का निर्माण करेगी। इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
मुख्य मार्ग के अतिरिक्त रेलवे स्टेशन एवं सिहेंश्वरी मंदिर जाने वाला नवीन मंडी मार्ग पिछले तीन वर्ष से टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस मार्ग से प्रतिदिन सब्जी खरीदने वालों के अलावा मंदिर एवं रेलवे स्टेशन जाने वालों की अच्छी खासी तादाद है। जबकि इसी सड़क से नवीन मंडी में फल एवं सब्जी लदे बड़े वाहन भी गुजरते है। दो वर्ष पूर्व तक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह सड़क पीडब्लूडी के अधीन थी। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका क्षेत्र में आने के बाद भी इस सड़क का मरम्मत नहीं हो सकी थी। इस टूटी सड़क के गड्ढों के बीच निकली सरिया से पैदल, साइकिल, बाइक सवार एवं चार पहिया वाहन चालकों को हादसे का डर सताता रहता था। बारिश में गड्ढों में जलभराव से भी लोगों को सांसत झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासी राकेश, विवेक व गुड्डू शुक्ल का कहना है कि सड़क निर्माण होने से स्थानीय निवासियों के साथ ही राहगीरों को बहुत राहत मिलेगी।
नालियों के निर्माण से होगा सुचारू होगी जलनिकासी
नवीन मंडी मार्ग पर क्षतिग्रस्त एवं सकरी नालियों के कारण जलनिकासी में दिक्कत होती है, अब नई सिरे से नाली के निर्माण से जलभराव से निजात मिलेगी। इससे मोहल्ला समेत वन विभाग परिसर से भी जलनिकासी की उम्मीद जगी है। वहीं लोगों का कहना है कि जलभराव से निजात मिलने से सड़क टूटने का खतरा कम हो जाएगा।
10 दिन के लिए बनाना होगा वैकल्पिक मार्ग
नगर पालिका के ईओ मुकेश कुमार चौधरी का कहना है कि नवीन मंडी सड़क एवं नाली निर्माण कार्य के लिए टेंडर हो चुका है, जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। सड़क निर्माण के दौरान मार्ग बंद होने से नवीन मंडी तक जाने के लिए कम से कम 10 दिन तक पैदल व वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना पड़ेगा।