सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन ने न्यायालय परिसर में मारपीट व हत्या के प्रयास के आरोपी अधिवक्ता की तीन वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इस बीच उन्हें बार एसोसिएशन से मिलने वाली सभी सुविधाओं से वंचित करने का भी निर्णय लिया गया है।
वकालतनामा लगाने के मामले में हुई मारपीट में अधिवक्ता गोपाल त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, जिनकी स्थिति में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं पुलिस ने अधिवक्ता गोपाल त्रिपाठी की तहरीर पर अधिवक्ता श्रवण कुमार पांडेय पर जान लेने की मंशा से हत्या के प्रयास व प्राणघातक चोटें कारित करने का केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता श्रवण पांडेय की तहरीर पर घायल अधिवक्ता गोपाल त्रिपाठी और उनके भाई पर भी हत्या के प्रयास का दर्ज कर दिया था। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को कार्य से विरत रहकर आम सभा की बैठक किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने श्रवण पांडेय को बार से निष्कासित करते हुए उनको बार से मिलने वाली सुविधाओं यथा चैंबर, बिजली, मताधिकार, अनुभव प्रमाण पत्र व अन्य सुविधाओं से वंचित करने का प्रस्ताव पारित किया। कार्यकारिणी ने आमसभा की बैठक के बाद कारण बताओ नोटिस उनको दिया था जिसपर उन्होंने अवसर की मांग किया।
कार्यकारिणी की बैठक में उनके अवसर प्रार्थना पत्र को औचित्यविहीन पाकर निरस्त करते हुए निष्कासन की कार्रवाई की। महामंत्री सिद्धनाथ पांडेय ने बुधवार को अध्यक्ष राधेश्याम मिश्रा की अध्यक्षता में हुई कार्यकारणी की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आमसभा द्वारा मंगलवार को पारित सर्वसम्मति से लिये गये निर्णय के अनुक्रम में अधिवक्ता श्रवण कुमार पांडेय को तीन वर्ष के लिए बार से निष्कासित करके बार एसोसिएशन के समस्त सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है। इसकी सूचना समुचित स्थानों पर चस्पा की जा चुकी है तथा प्रतिलिपि जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक को व बार कौंसिल उत्तर प्रदेश को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।