शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के कोइरिडिहा में 13 जुलाई 2023 में हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने दंगा, बलवा, मारपीट, गंभीर रूप से चोट पहुंचाने, हत्या के प्रयास एवं जानमाल की धमकी के मामले में प्रत्यक्ष संलिप्तता के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
कोर्ट ने शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के ग्राम कोइरीडीहा निवासी उदयराज की अग्रिम जमानत खारिज की है। जबकि सह अभियुक्त छोटेलाल व बरसाती की नियमित जमानत नौ अगस्त 2023 को इसी न्यायालय से हो चुकी है।
घटना 13 जुलाई 2023 को शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के ग्राम कोइरिडिहा में घटना घटी थी। कोइरीडीहा निवासी गोलू उर्फ राम अवतार ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि 13 जुलाई 2023 को सुबह करीब 5:30 बजे उसके पिता रामानंद व उसके जीजा सूरज पुत्र छेदी अपनी दुकान कस्बा शोहरतगढ़ आ रहे थे। गांव के बाहर नहर के पुल के पास पहले से घात लगाए उसके गांव के ही छोटे लाल, उदय राज यादव, प्रभु, छोटा, बहादुर, बरसाती, दिनेश लाठी-डंडा, भाला, फरसा लेकर जान से मारने की नीयत से उन लोगों को दौड़ाकर मारने-पीटने लगे। इससे सिर पर पर काफी चोटें आईं। हमलावर गाली-गुप्ता और जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपी उदयराज ने घटना को झूठा बताते हुए अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया। उसने कहा कि उसे रंजिशन झूठा ही फंसा दिया गया है। घटना का कोई चश्मदीद साक्षी नहीं है। घटना संदेहास्पद है। पुलिस उसे गिरफ्तार करके मारना-पीटना चाहती है। राज्य की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने पीड़ित पक्ष की पैरवी करते हुए जमानत प्रार्थनापत्र पर आपत्ति की। कहा कि मामला गंभीर प्रकृति के अपराध से संबंधित है। इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाए।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर पत्रावली का परिशीलन किया। न्यायालय ने कहा कि घटना में आरोपियों उदयराज सहित सात अन्य द्वारा मारपीट कर चोटहिल रामानंद को 14 चोटें तथा चोटहिल सूरज को पांच चोटें कारित किया जाना दर्शित है। इस चोट के कारण मामले में धारा 325 की बढ़ोतरी की गई। मामला गंभीर प्रकृति के अपराधों हत्या के प्रयास आदि से संबंधित है। इसलिए मामले के संपूर्ण तथ्यों, परिस्थितियों एवं उपलब्ध साक्ष्य सामग्री के साथ-साथ अपराधों की गंभीरता को भी दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त की अग्रिम जमानत के लिए पर्याप्त आधार न पाते हुए यह अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने योग्य है। कहते हुए न्यायालय ने अभियुक्त उदयराज का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र खारिज़ कर दिया।