संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉस्को एक्ट प्रमोद की अदालत ने 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त जैसराम की जमानत खारिज कर दिया है। वह खेसरहा थानाक्षेत्र के मदुआपुर गांव का रहने वाला है और 28 फरवरी 2024 से जेल में बंद है।
घटना खेसरहा थानाक्षेत्र के एक गांव की है जो 25 फरवरी 2024 को घटी थी। पीड़िता की मां ने खेसरहा थाने पर तहरीर दिया कि 25 फरवरी 2024 की शाम सात बजे गांव के सीवान के बाग में गयी थी। जहां पहले से मौजूद जैसराम पुत्र सुदामा साहनी ने उसकी पुत्री से व्यभिचार किया। किसी को बताने से मना करते हुए उसकी लड़की को गाली-गुप्ता देते जान से मार डालने की धमकी दिया। वह अपने मायके में थी आकर तहरीर दे रही है। पुलिस ने केस दर्ज करके अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया और पीड़िता बयान दर्ज करके उसका चिकित्सकीय परीक्षण एवं न्यायालय में बयान दर्ज करवाया। डीएनए के लिए सैंपल लिया, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आयी है। मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। स्कूली कागजातों के अनुसार पीड़िता की आयु करीब 11 वर्ष है जबकि चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार 14 वर्ष है।
अभियुक्त ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करके खुद को निर्दोष एवं बेकसूर बताया। उसने कहा कि वादिनी मुकदमा की बकरी उसके खेत में घुसकर गेहूं की फसल नुकसान कर रही थी। मना करने पर कहासुनी हो गई जिसे वादिनी मुकदमा ने झूठे आरोप लगाते हुए बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर दिया गया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का सम्यक अवलोकन किया। न्यायालय ने मामले के समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों एवं अभियुक्त पर लगाए गए आरोप की गंभीरता व विधिक दंड को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को जमानत पर छोड़ने का आधार पर्याप्त नहीं पाकर उसका जमानत खारिज कर दिया।