सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में आरोपी की जमानत खारिज कर दी है। आरोपी श्रीमती पत्नी श्रवण कुमार उर्फ लंबू शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के महदेवा नानकार गांव की निवासी है। वह 16 नवंबर 2023 से जेल में बंद है। घटना घटित हुए एक वर्ष चार माह से अधिक समय बीत चुका है।
घटना सात अगस्त 2022 की है जो शोहरतगढ़ थाने में हत्या के अपराध में दर्ज हुई थी। सर्वजीत शर्मा के तहरीर के अनुसार उसके भाई संदीप शर्मा को श्रीमती पत्नी श्रवण कुमार उर्फ लंबू व सोनी और मोनी ने मिलकर बहुत मारापीटा और जानमाल की धमकी देकर कागज पर लिखवाया कि वह आत्महत्या कर रहा है। इसके बाद उसके भाई की गला दबाकर हत्या कर दी। उसके भाई को मारकर नीचे सुला दिया गया और आत्महत्या का रूप दे दिया गया। पुलिस ने हत्या के अपराध में श्रीमती, सोनी एवं मोनी के खिलाफ केस दर्ज कर लाश का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनुसार मृत्यु का तात्कालिक कारण दम घुटने से बताया गया है और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में उसके द्वारा सुसाइड नोट लिखना नहीं पाया गया है।
विवेचक ने वादी व अन्य गवाहों के बयान लिया। सर्वजीत शर्मा ने अपने बयान में कहा है । उसके मृतक भाई का प्रेम प्रसंग गांव के श्रवण उर्फ लंबू की लड़की सोनी से चल रहा था। उसके भाई को सोनी, मोनी व उसकी मां श्रीमती देवी ने मार कर नीचे सुला दिया और आत्महत्या का रूप दे दिया। शव आरोपी के घर पर मिला है। इसके बाद विवेचक ने मामले को हत्या के अपराध से हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में बदलकर मात्र अभियुक्ता सोनी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियुक्त श्रीमती देवी और सह आरोपी मोनी की विवेचना अभी प्रचलित है। श्रीमती देवी की जमानत अर्जी पर न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर पर्याप्त आधार न पाते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया।