सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने शादी का झांसा देकर किशोरी को भगाने व दुष्कर्म करने, जानमाल की धमकी देने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अभियुक्त जेल में बंद है।
मामला जुलाई 2022 हुआ था जो कपिलवस्तु थानाक्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता व अभियुक्त एक ही गांव के रहने वाले हैं। थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी ने पुलिस को तहरीर दिया उसकी 19 साल की बहन को गांव का ही एक व्यक्ति 11 माह पूर्व शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले गया था। जब जानकारी हुई तो बहन को खोजबीन करते हुए आरोपी लड़के की भी तलाश किया। जिस पर वह उसकी बहन को छोड़कर भाग गया। जब उसकी बहन घर आयी तो अपनी बीती बात बतायी कि उसे बहला फुसलाकर तथा शादी का झांसा देकर भगा ले गया था। तब वह लड़के व उसके पिता से बात किये तो दोनों ने कहा कि कहीं शिकायत मत करो शादी हो जायगी। जिसके लिए जुलाई 2023 तक का समय मांगे।
जुलाई से लेकर अब तक वह लड़के के पिता से शादी करने की बात किया तो उसके पिता शादी करने से इनकार करते हुए गाली गुप्ता व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने अपहरण व जानमाल की धमकी देने के अपराध में केस दर्ज कर पीड़ित का चिकित्सकीय परीक्षण और न्यायालय में बयान करवाया। इसके बाद दुष्कर्म के अपराध की धारा बढ़ाई। न्यायालय ने अभियुक्त की जमानत पर दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपराध की गंभीरता देखते हुए उचित आधार न पाते हुए जमानत खारिज कर दिया।
स्टांप पर लिखकर देने के बाद भी मुकर गया
पीड़िता ने बयान दिया कि लड़के ने शादी की बात कहकर उसके साथ कई बार संबंध बनाया। 26 जुलाई 2022 को वह बिना बताये दोनों शादी करने के लिए मुंबई भाग गये थे। लड़का उसे कल्याण रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़कर भाग गया था। उसने मुंबई में रहने वाला उसका भाई लड़के के घर ले गया। उसने कहा कि पापा शादी के लिए कहेंगे तो कर लेंगे। लड़के के पिता ने स्टांप पेपर पर लिख कर दिया कि 31 जुलाई 2023 के बाद शादी करेंगे। दोनों के घर वाले स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर किये थे। एक साल हो गया, पर शादी नहीं की। उसका भाई शादी के बारे में पूछने गया तो उसने उसके भाई को गाली दी और जान से मारने की धमकी दी।